अफजलगढ़ के गांव मच्छमार मृतक के परिजनों से वार्ता करते अधिकारी। संवाद
अफजलगढ़/रेहड़। ग्राम मच्छमार में ग्राम प्रधान के पुत्र की नदी में डूबने से हुई मौत के मामले में परिजन मुकदमा दर्ज नहीं होने पर शव को कलक्ट्रेट लेकर जाने लगे। इसे लेकर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। बाद में दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर परिजनों ने करीब 45 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया।
रविवार की शाम रेहड़ थाने के गांव फजलपुर मच्छमार की प्रधान गिंदर का पुत्र रवि (32) गांव के एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने रामगंगा घाट गया था। वहां उसकी डूबने से मौत हो गई थी। पिता विजेंद्र सिंह ने गांव के दो लोगों पर पुत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी। परिजन सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए। मंगलवार सुबह अफजलगढ़, रेहड़ व शेरकोट थानाध्यक्ष पुलिस बल सहित गांव पहुंचे।
परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए मनाने का प्रयास किया। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट राम आसरे, नायाब तहसीलदार कपिल कुमार आजाद, धामपुर सीओ सर्वम सिंह, विधायक प्रतिनिधी सीपी सिंह, ब्लाॅक प्रमुख प्रदीप कुमार गांव पहुंचे। सभी ने मृत के परिजनों से वार्ता की। परिजन युवक के शव को बिजनौर कलक्ट्रेट ले जाने की तैयारी करने लगे। इस दौरान परिजनों की पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ही मृतक के परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए।
मंगलवार शाम करीब 45 घंटे बाद पुलिस की मौजूदगी में रामगंगा घाट भूतपुरी पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। धामपुर सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि मृतक के पिता विजेेंद्र की ओर से गोल्डी व रोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।