मृतक की पुत्री और दामाद ने की शिनाख्त
अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद पहुंचे नगीना कोतवाली
संवाद न्यूज एजेंसी
कादराबाद। चार दिन पूर्व नगीना थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान हरिश्चंद्र (70) निवासी गांव बढि़या थाना नजीबाबाद के रूप में हुई है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर को पढ़ने के बाद मृतक की बेटी और दामाद तलाश करते हुए नगीना थाने पहुंचे। बुधवार शाम परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
20 सितंबर को गांव अकबराबाद रेलवे फाटक से करीब 150 मीटर की दूरी पर रेलवे लाइन पर एक वृद्ध का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए बिजनौर मोर्चरी में रखवा दिया था। कादराबाद क्षेत्र के गांव चकफेरी में रहने वाली किरणदीप ने शव की शिनाख्त अपने पिता हरिश्चंद्र के रूप में की। चकफेरी निवासी जगदीश पुत्र हरमेश ने बताया कि हरिश्चंद्र उनके ससुर थे। उनकी दूसरी बेटी सिमरन सिरसा हरियाणा में रहती है।
मृतक का कोई पुत्र नहीं था, इसलिए वे अक्सर बेटियों के पास आते-जाते रहते थे। कादराबाद क्षेत्र के गांव भिक्कावाला और मुरलीवाला में उनके साले रहते हैं। 18 सितंबर को हरिश्चंद्र गांव भिक्कावाला में अपने साले पप्पू के यहां आए थे। वहां से अगले दिन कादराबाद में दूसरे साले हंसराज के यहां गए और 20 सितंबर को सुबह मुरलीवाला में तीसरे साले रमेश के यहां जाने की बात कहकर निकले थे लेकिन वे वहां पहुंचे ही नहीं। इस पर परिजनों ने तलाश शुरू की।
21 सितंबर को कादराबाद में किसी ने जगदीश को अमर उजाला में प्रकाशित वृद्ध की मौत की खबर दिखाई। इसके बाद जगदीश व अन्य परिजन नगीना कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस ने शव बिजनौर मोर्चरी में रखे होने की जानकारी दी। बिजनौर पहुंचकर जगदीश और पुत्री किरणदीप ने शव की शिनाख्त की। बुधवार देर शाम गांव चकफेरी में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके भतीजे विकास पुत्र हंसराज ने दी। हरिश्चंद्र खेती कर जीवन यापन करते थे।