परिवहन मंत्री के नाम पर गैस एजेंसी चलाने के लिए की थी लाखों की ठगी
बिजनौर। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने परिवहन मंत्री के नाम पर तहसीलदार से गैस एजेंसी चलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोपी त्रिलोकी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
एडीजीसी पंकज चौहान के अनुसार 13 मई 2020 को कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती पत्र में तहसीलदार धामपुर रमेशचंद चौहान ने आरोप लगाया था कि उनके निजी मोबाइल पर परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के नाम से एक फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को परिवहन मंत्री बताते हुए बातों ही बातों में गैस एजेंसी चलाने की बात कही थी। फोन करने वाले की बातों में आकर उन्होंने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में एक ट्रांजक्शन में एक लाख 15 हजार रुपये की राशि जमा कर दी थी। तहसीलदार का कहना है कि फोन करने वाले ने उनसे फोन पर फिर मोटी रकम की मांग की तो उन्हें फोन करने वाले पर शक हो गया। इसके बाद तहसीलदार ने परिवहन मंत्री अशोक कटारिया को फोन कर उनसे जानकारी ली। परिवहन मंत्री ने तहसीलदार को फोन करने से बात करने से इंकार किया और इस प्रकरण से अनभिज्ञता जताते हुए एसपी को फोन कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसपी के निर्देश पर धामपुर पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके मोबाइल नंबर के आधार पर जांच की। इस मामले में त्रिलोकी निवासी जिला मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया। त्रिलोकी ने ही परिवहन मंत्री अशोक कटारिया बनकर फोन पर बात की थी।