तंजील हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश
स्योहारा (बिजनौर)। बहुचर्चित एनआईए डिप्टी एसपी तंजील अहमद व उसकी पत्नी फरजाना हत्याकांड के जमानत पर रिहा हुए तथा पुलिस के साथ बदसलूकी करने व जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस ने क्षेत्राधिकारी धामपुर की अगुवाई में सहसपुर में दबिश दी। लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे।
सहसपुर के मोहल्ला मौलवियान में 14 जून की रात्रि में पुलिस टीम ने एनआईए अधिकारी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना के हत्यारोपी रिजवान, तंजीम और जैनी की गिरफ्तारी के लिये दबिश दी थी। तीनों आरोपियों पर बिजनौर कोर्ट में केस चल रहा है। पिछले वर्ष 19 नवंबर को तीनों हत्यारोपी अदालत में तारीख पर हाजिर नहीं हुए थे। तब एडीजे तृतीय ने तीनों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए थे। पुलिस तीनों आरोपियों के जमानतियों का सत्यापन करने गई। पुलिस का आरोप था कि तीनों आरोपियों ने पुलिस के साथ बदसलूकी कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी थी।
बुधवार दोपहर सीओ धामपुर अजय कुमार अग्रवाल, थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़, पुलिस उपाधीक्षक हरीश कुमार, सहसपुर चौकी प्रभारी गंगाराम गंगवार सहित भारी पुलिस बल के साथ सहसपुर में आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी आरोपियों की तलाश की। परंतु कोई भी आरोपी हाथ नहीं लगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी रिजवान, तंजीम और जैनी मुनीर गैंग के सक्रिय सदस्य एवं एनआईए अधिकारी तंजील अहमद के हत्या के मुख्य आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि दो अप्रैल 2016 की रात्रि को सहसपुर निवासी एनआईए अधिकारी तंजील अहमद उनकी पत्नी फरजाना की सहसपुर के निकट ही गोलियां मारकर नृशंस हत्या कर दी गई थी।
तंजील अहमद की हत्या से मच गया था हड़कंप
एनआईए अधिकारी तंजील अहमद की हत्या से पूरे देश में हड़कंप मच गया था। हत्या के मामले में मुनीर अहमद का नाम आने से सहसपुर का नाम पूरे देश में सुर्खियों में रहा था। तंजील हत्याकांड में रैयान, रिजवान, जैनी व तंजीम भी शामिल रहे थे। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस समय मुनीर और रैयान दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।