जिले में इस बार गेहूं का रकबा बढ़ने की उम्मीद
बिजनौर। जिले में इस साल गेहूं का रकबा बढ़ने की उम्मीद है। चीनी मिलों के जल्दी चलने से किसानों को फायदा हुआ है। किसानों के खेत जल्दी खाली हो रहे हैं। किसान गेहूं की बुवाई बड़े स्तर पर कर रहे हैं।
जिले में गन्ने के बाद गेहूं किसानों की प्रमुख फसल है। जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल बोई जाती है। पिछले साल किसानों ने 1.53 लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं बोया था। जिले में हर साल दिसंबर के पहले सप्ताह में चीनी मिल चलती थीं, लेकिन इस साल नवंबर के पहले सप्ताह में जिले की चीनी मिलों में पेराई शुरू हो गई। बिलाई चीनी मिल तो अक्तूबर के अंत में ही चल गई थी। चीनी मिल जल्दी चलने का फायदा किसानों को मिल रहा है। किसानों के खेत गन्ने से जल्दी खाली हो रहे हैं। किसान गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों में करने में लगे हैं। खाली हो रहे खेतों में गेहूं की बुवाई जोरों पर चल रही है, जिससे इस बार गेहूं का रकबा कम से कम दस प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। पिछले सालों में किसान दिसंबर के अंत तक भी गेहूं की बुवाई करते थे, लेकिन इस साल अधिकतर बुवाई दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक ही हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार किसान इस साल ज्यादा जमीन में गेहूं बो सकते हैं। चीनी मिल जल्दी चलने से किसानों को फायदा हुआ है।