बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट ने युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में मोहित सैनी को दोषी पाया। जिसे आजीवन कारावास और 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना हल्दौर में 15 मार्च 2022 को एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि 14 मार्च को गांव का ही मोहित सैनी उसके घर आया। घर पर उसकी तीन बेटी अकेली थीं, जबकि पत्नी कोल्हू पर गई थी। मोहित सैनी ने उसकी बड़ी बेटी वर्षा पर जबरदस्ती प्रेम प्रसंग का दबाव बनाया। विरोध करने पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मारपीट की। जान से मारने की धमकी देकर चला गया। आहत होकर उसकी बेटी घर से निकल गई और रात में 11 बजे नूरपुर रोड पर जान दे दी। पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने, एससी/एसटी आदि धाराओं में केस दर्ज करते हुए विवेचना की। आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मॉनीटरिंग सैल ने कोर्ट में मजबूत तरीके से पैरवी की। कोर्ट ने मोहित सैनी को दोषी पाया और सजा सुनाई।