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शुक्र है ... शांत रहा जिला, पुलिस के पहरे में हुई नमाज

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बिजनौर में जुमे की नमाज के दौरान जामा मजिस्द के पास पैदल मार्च करते पुलिसकर्मी। - फोटो : BIJNOR
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शुक्र है ... शांत रहा जिला, पुलिस के पहरे में हुई नमाज
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बिजनौर। भले ही जुमे की नमाज को लेकर अटकलों का दौर बना हुआ था, लेकिन शुक्रवार को जिला शांत रहा। पुलिस प्रशासन की कड़ी चौकसी के बीच जुमे की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। शहर से लेकर गांव देहात तक मस्जिदों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही। सीसीटीवी की मदद से भी पुलिस ने पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी। जिलेभर में 40 ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर पुलिस ने छतों और सघन आबादी की टोह ली।
शुक्रवार को सवेरे से ही डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह जिले में भ्रमण के लिए निकल गए। मस्जिदों के आसपास लगी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की टीम को जरूरी निर्देश दिए। एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता जिला मुख्यालय की जामा मस्जिद के आसपास नमाज अदा होने तक मौजूद रहे। एडीएम विनय कुमार और एएसपी देहात राम अर्ज ने चांदपुर सुपर जोन की व्यवस्था को संभाला। नगीना में भ्रमण कर स्थितियों का जायजा लिया।
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बता दें कि कानपुर और प्रदेश के अन्य शहरों में हुई हिंसा के बाद से ही प्रदेश भर में अलर्ट बना हुआ है। अपने जिले में भी पिछले जुुमे से ही पुलिस एहतियात बरत रही है। लगातार संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही थी। पिछले एक सप्ताह से पुलिस की ड्यूटी जस की तस बनी हुई थी, इनमें कोई फेरबदल नहीं किया गया। उधर, जुमे की नमाज को लेकर पुलिस और प्रशासन ने बृहस्पतिवार की शाम से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। रातभर संदिग्ध और शरारती तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। शुक्रवार को नमाज होने तक पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तकनीक का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं रही। जिले में 40 ड्रोन उड़ा गए। जिनसे घनी आबादी के साथ-साथ मकानों की छतों पर ईंट पत्थर तलाशे गए। एक थाना क्षेत्र में दो ड्रोन उड़ाए गए।
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी बने रहे खबरी
सेवानिवृत्त हो चुके पुलिसकर्मी और गांव के चौकीदारों की पुलिस ने मदद ली। सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए हुए थे। भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाकर गतिविधियों के बारे में पुलिस को सूचना देते रहे। कहां बाजार खुल रहा है, कहां नहीं, ऐसी तमाम सूचनाएं रिटायर्ड पुलिसकर्मियों ने दीं। एक वर्ग के लोगों ने अपनी दुकानों को खोला है या नहीं। इस पर भी पुलिस की कड़ी नजर रही। जो दुकान नहीं खुल रही थीं, उसका पुलिस ने बाकायदा कारण पूछा। हालांकि इक्का दुक्का दुकानें ही बंद रहीं।
सभी प्रशासनिक अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिले में शांति रही। कहीं से कोई घटना की सूचना नहीं मिली। बाजार आदि सब कुछ सामान्य दिनों की तरह ही खुले रहे - उमेश मिश्रा, डीएम
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एक दिन पहले से ही कड़ी निगरानी की जा रही थी। जिम्मेदार लोगों से भी बात की जा रही थी। जिले को जोन और बीट में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
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