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Bijnor News: 25 साल से बंद कताई मिल की जमीन पर लगेगा कपड़ा उद्योग

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गौरव गोयल
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नगीना। नगीना में कभी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली कताई मिल अब बीते जमाने की बात बनकर इतिहास के पन्नों में सिमट गई है। 25 वर्षों से बंद पड़ी मिल की जमीन पर कपड़ा उद्योग स्थापित करने की कवायद है। सरकार की ओर से जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शनिवार को पूरी कर ली गई है।
नगीना क्षेत्र के युवाओं व व्यापारियों को लगभग 23 साल तक प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराने वाली सहकारी कताई मिल के गेट पर ढाई दशक पहले से ताला लटक गया था। सरकार ने कुछ माह पूर्व इस आराजी पर कपड़ा उद्योग स्थापित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी थी। हालांकि सरकार की इस घोषणा के बाद भी स्थानीय इस आराजी पर कभी एम्स अस्पताल, तो कभी कृषि विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग कर रहे थे।
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सरकार ने इन सभी मांगों को दरकिनार करते हुए कताई मिल में खराब पड़ी मशीनों व खंडहर भवन की नीलामी 7.25 करोड़ रुपये में कर दी। करीब डेढ़ माह से इस मिल के भवन को तोड़ने का सिलसिला चल रहा है। बीते शनिवार को इस मुहिम पर आखिरी मुहर लगाते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल संघ लिमिटेड ने नगीना के उपनिबंधन कार्यालय में हरकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को कताई मिल की करीब 53 एकड़ जमीन दान कर दी। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कताई मिल की आराजी पर कपड़ा उद्योग स्थापित होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
सहकारी कताई मिल संघ लिमिटेड ने नगीना में बंद पड़ी कताई मिल के भवन का मलबा और खराब मशीनों का टेंडर 7.25 करोड़ रुपये में किया गया है। टेंडर पाने वाली कंपनी के लोग 10 जुलाई से मिल के भवन आदि को तोड़ने के काम में लगे हैं। शनिवार को वस्त्र उद्योग को मिल की जमीन दान हो गई है। अब इस भूमि पर कपड़ा उद्योग स्थापित होगा। - रोहिताश सिंह, प्रभारी, नगीना कताई मिल।
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शनिवार को निबंधन कार्यालय में कताई मिल की आराजी वस्त्रोद्योग के पक्ष में हस्तांतरित होने की प्रकिया दान के माध्यम से हुई है। इसमें स्टांप व रजिस्ट्री शुल्क फ्री रहा। - दिनेश कुमार, उप निबंधक,नगीना
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