बिजनौर जिले के नूरपुर मेंराष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर ब्लॉक के गांव आलमपुर एड़वा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बांटी गई एलबंडाजोल की गोलियां खाने से दस बच्चों की सेहत बिगड़ गई।
पेट दर्द, सिर दर्द व चक्कर आने की शिकायत के बाद शिक्षक बच्चों को गोहावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। यहां किसी चिकित्सक के मौजूद नहीं होने पर बच्चों को नूरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को छुट्टी दे दी गई।
शनिवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों में बच्चों को कृमिनाशक एलबंडाजोल की गोलियां दी जानी थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बीआरसी केंद्र के माध्यम से इन गोलियों का स्कूलों में वितरण किया गया था। ग्राम आलमपुर एड़वा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद शिक्षक यशवीर सिंह और अभय प्रताप ने बच्चों को एलबंडाजोल गोलियां खाने के लिए दी। गोली खाने के बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों की हालत बिगड़ती देखकर शिक्षकों के होश उड़ गए। कक्षा आठ की छात्रा सुहानी, गुड़िया, अविनाश, कमल, कक्षा सात के शमीम, कक्षा छह की हेमलता, डोली, ललिता, सोनी, आदि को पेट दर्द, सिर दर्द, चक्कर आने व हल्का बुखार होने पर शिक्षक उन्हें कार में बैठाकर ग्राम गोहावर स्थित पीएचसी ले गए। यहां किसी चिकित्सक के मौजूद न होने पर उन्हें सीएचसी ले जाया गया। यहां सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रकाश यादव ने बताया कि अस्पताल लाए गए सभी बच्चों को गैस बनने की समस्या थी। इन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उधर, पीएचसी प्रभारी डॉ. कुनाल ने बताया कि आलमपुर एड़वा में गोली खाने के बाद बच्चों की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बांटी गई गोलियों के बैच नंबर लेकर उस पर रोक लगाई जाएगी। गोलियों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।