बिजनौर डिपो की दस बसें भेजी गईं गाजियाबाद
बिजनौर। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बिजनौर डिपो की दस बसें आरक्षित करने का निर्णय लिया है। अफसरों के अनुसार ये बसें आपातकालीन स्थिति में कभी भी संचालित की जा सकती हैं। रोजाना इनमें सैनिटाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन सभी बसों में रोस्टर के अनुसार हर बस पर चालकों और परिचालकों की ड्यूटी लगाई गई है।
लॉकडाउन होने के बाद से जिले में कुछ लोग तो अपने घर पहुंच चुके हैं। जबकि कुछ जहां के तहां फंसे हैं। ऐसे लोगों को उनके घरों तक लाने के लिए जिला प्रशासन ने इसकी व्यवस्था की है। बिजनौर डिपो के बस स्टेशन के प्रभारी अरविंद शर्मा के अनुसार डीएम रमाकांत पांडेय के निर्देश पर बिजनौर डिपो की दस बसें आरक्षित की गई हैं। उन्होंने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने बिजनौर डिपो की दस बसों को आरक्षित किया है। इनमें सैनिटाइजेशन का पूरा सामान उपलब्ध है। इन सभी दस बसों में रोजाना सैनिटाइजेशन किया जा रहा है, जिससे कि इनमें कोरोना का संक्रमण न रहे और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत ही इन्हें काम में लिया जा सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिजनौर डिपो के पास कुल 113 बसे हैं। इनमें 82 निगम की और 31 अनुबंधित शामिल हैं। इन्हीं में से दस बसें कोरोना वायरस से निपटने के लिए आरक्षित की गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ से आठ नई बसें बिजनौर डिपो के बेड़े में शामिल हुईं हैं, जो पूरी तरह से फिट हैं। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को गाजियाबाद जनपद के लालकुआं के लिए रवाना किया गया।