बिजनौर। मानसून की सुस्त रफ्तार के बीच जिले में गर्मी ने एक बार फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। दोपहर के समय धूप इतनी तीखी रही कि लोगों को त्वचा झुलसने जैसा अहसास हुआ। गर्मी से बचाव के लिए लोग छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा लेते नजर आए। उधर, भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों और लाइनों पर अतिरिक्त दबाव बना रहा, जिसके चलते कई क्षेत्रों में फ्यूज उड़ने और एक फेस गायब होने की शिकायतें सामने आती रहीं। तापमान में हुई बढ़ोतरी के साथ ही वातावरण में उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को दिनभर राहत नहीं मिल सकी। बिजलीघरों के व्हाट्सएप ग्रुपों पर दिनभर फाल्ट और आपूर्ति बाधित होने संबंधी सूचनाएं साझा होती रहीं। विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर खराबियों को दूर किया और आपूर्ति बहाल कराई।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जिले में उमस भरी गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को गर्मी और बिजली संबंधी परेशानियों से अभी राहत मिलने के आसार कम हैं। उधर बिजनौर डिवीजन के अधिशासी अभियंता अजय कुमार कैम ने बताया कि गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। परंतु बिजली आपूर्ति सही हो रही है। यदि कहीं फाल्ट आदि आता है, तो सूचना पर तुरंत सही कराकर आपूर्ति को सुचारू कराया जाता है।
नगीना वेधशाला के अनुसार बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।