खुफिया कैमरे की निगरानी में महफूज रहेगा तेलीपाड़ा
बिजनौर। साधन संपन्न नगर पालिकाएं जनता के लिए जरूरत की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा पा रहीं, ऐसी स्थिति में जनपद का गांव तेलीपाड़ा मिसाल कायम कर रहा है। गांव में सुरक्षा के लिहाज से 16 सीसीटीवी लगवाए जा रहे हैं, ताकि चोरों पर खुफिया नजर रखी जा सके।
तेलीपाड़ा ग्राम पंचायत उत्तराखंड की सीमा से सटी है। इसकी आबादी करीब दो हजार है। घर दूर दूर बसे होने के कारण यह 18-19 किलोमीटर में फैली है। यहां बार-बार चोरी होती रहती हैं। ग्राम प्रधान रुचि ध्यानी के पति नीलकंठ ध्यानी ने बताया कि गांव में अधिकतर पूर्व सैनिकों के आवास हैं। ग्राम की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाने का निर्णय लिया है। ग्राम में 16 कैमरे लगाए जा रहे हैं। ग्राम के बाहर के खंभों पर दो-दो कैमरे और बीच के चौराहों पर चार कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगवाने का काम शुरू हो गया। व्यवस्था इस तरह बनाई जा रही है कि कैमरों का पावर कनेक्शन पास के किसी ग्रामवासी के मकान से हो। इससे बिजली न होने पर भी इंवर्टर से कैमरे काम करेंगे। साथ ही डीवीआर भी इसी घर में लगेगा तो सुरक्षित रहेगा। इस कार्य पर करीब 75 हजार रुपये खर्च की उम्मीद है। कार्य पूरा हो जाने पर पंचायत राज अधिकारी से विधिवत उद्घाटन कराया जाएगा।
सबसे पहले घोषित हुई ओडीएफ
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलीपाड़ा को मार्च 2017 में सबसे पहले ओडीएफ घोषित किया गया। ग्राम प्रधान रुचि ध्यानी को गांधीनगर गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित भी किया गया था। स्वच्छता अभियान में प्रथम आने वाली ग्राम सभा को सात लाख रुपये विकास के लिए मिलने की बात कही गई थी, लेकिन धनराशि आज तक नहीं मिली।
उपेक्षा का शिकार रहा गांव
जनप्रतिनिधियों ने इस ग्राम की उपेक्षा की है। भाजपा विधायक सर्वेश कुमार ने जरूर 200 मीटर सीसी रोड बनवाई हैं। इससे पहले तो किसी विधायक तथा सांसद ने इस गांव में कोई काम नहीं किया।
प्रस्ताव देने वालों को मिलेगा बजट
डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट कार्यक्रम के लिए ग्राम पंचायतों को राशि दी जाती है। जिन पंचायतों ने अपने प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं उन्हें बजट मिल रहा है।