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वर्चुअल सुनवाई में आ रही तकनीकी दिक्कत

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वर्चुअल सुनवाई में आ रही तकनीकी दिक्कत
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बिजनौर। कोर्ट में आंशिक रूप से काम तो शुरू हो गया है पर वर्चुअल मोड पर सुनवाई होने के कारण वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जिला न्यायालय में जमानत प्रार्थनापत्रों की सुनवाई व रिलीज की सुनवाई वर्चुअल मोड पर हो रही है।
सात जून से सिविल वादों में अर्जेंट मैटर पर सुनवाई का भी प्रावधान किया गया है। जमानत प्रार्थना पत्रों, रिलीज व सिविल मामलों में सुनवाई के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा होता है। इनकी सुनवाई वर्चुअल मोड पर होती है। जमानत प्रार्थनापत्रों की सुनवाई के लिए रोस्टरीय व्यवस्था की गई है। इसके तहत लोअर कोर्ट व सत्र न्यायालय में सुनवाई वर्चुअल मोड पर की जाती है। वर्चुअल मोड सुनवाई में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। कभी लिंक नहीं मिलता है तो कभी आवाज नहीं आती है। जिलास्तरीय अदालतों के अधिवक्ताओं के लिए वर्चुअल मोड पर सुनवाई पहला अनुभव है। इसमें पारंगत नहीं होने के कारण उन्हें बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली व निरंकार सिंह, पूर्व महासचिव नवदीप सिंह, पूर्व एडीजीसी क्राइम श्यामस्वरूप शर्मा व कुलदीप सिंह चौहान, अधिवक्ता दिनेश शर्मा, राजीव राठी, राजेशपाल सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष गजेंद्र देवल आदि ने मुकदमों की फिजिकल सुनवाई की मांग की है।
रेग्यूलर मामलों में मिल रही केवल तारीख
सत्र न्यायालय में चार एडीजे जमानत प्रार्थना पत्रों पर बारी-बारी से वर्चुअल मोड पर सुनवाई कर रहे हैं। वहीं लोअर कोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारी रोटेशन पर कार्य कर रहे हैं। इनमें से एक जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई करता है। एक जमानत प्रार्थना पत्र व रिहाई, अंडर ट्रायल रिमांड, रेग्यूलर रिमांड व जिला जेल से संबंधित कार्य देखता है। तीसरा अधिकारी 164 सीआरपी के तहत बयान दर्ज करने के साथ बेल बांड स्वीकार करने का कार्य करता है। रेग्यूलर मामलों में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। न ही किसी का कोई साक्ष्य रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। रेग्यूलर मामलों में सुनवाई की अगली तिथि नियत की जा रही है।
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वकीलों के लिए कहर बना कोरोना
कोरोना बिजनौर में वकीलों व न्यायिक अधिकारियों के लिए कहर साबित हुआ है। एक अपर जिला जज राजू प्रसाद सहित अजय गुप्ता, सत्यपाल जंघाला, चंद्रपाल ककक्ड़, राकेश बाबू, आले हसन सहित करीब दस वकीलों की मौत हुई है। इसके अलावा डीजीसी वरुण राजपूत, जिला बार के पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश चौहान व यशपाल सिंह, जयप्रकाश, रामअवतार सिंह सहित करीब दो दर्जन वकील कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से कई को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा।
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