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खेतों में डाले जा रहे गंदे पानी की जांच के लिए पहुंची टीम

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खेतों में पानी की जांच को पहुंची टीम
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बिजनौर। गांव चंदनपुरा के आसपास खेतों में डाले जा रहे पानी की जांच करने प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम पहुंची, लेकिन तब तक पानी सूख चुका था। किसानों ने टीम को बताया कि उन्होंने खेतों में गंदा पानी नहीं डलवाया है। रात को कारखानों के ठेकेदार खेतों में गंदा पानी डालकर जा रहे हैं। किसानों ने भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आलू की फसल के बंपर रेट को देखते हुए किसान आलू बोने की तैयारी कर रहे हैं। किसान अगले महीने बोई जाने वाली फसल के लिए अभी से फसल तैयार कर रहे हैं। काफी किसानों के खेतों में कई दिनों से कारखानों का गंदा पानी भरा हुआ देखा जा रहा था। कुछ किसान फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए खेतों में गंदा पानी डलवा रहे थे।
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अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य ने वैज्ञानिक सहायक सुरेश त्रिपाठी व फिल्ड सहायक अनुज कुमार को जांच के लिए भेजा। टीम खेतों में पहुंची लेकिन तब तक पानी सूख चुका था। खेतों के पास से गंदे पानी की बदबू आ रही थी। उन्होंने किसानों से बात की तो किसानों ने बताया कि उन्होंने खेतों में गंदा पानी नहीं डलवाया है। कारखानों के ठेकेदार रात को खेतों में गंदा पानी अपने आप चोरी छिपे डाल जाते हैं। उन्होंने टीम को बताया कि एक-दो किसानों ने खेतों में पानी डलवाया था तो ठेकेदार के आदमी दूसरे किसानों के खेतों में अपने आप ही पानी डाल गए। वे कभी खेतों में गंदा पानी नहीं डलवाते हैं। सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि देखा जाएगा कौन ठेकेदार हैं जो खेतों में गंदा पानी डलवा रहे हैं। गंदा पानी डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खेतों की मिट्टी की भी जांच कराने की कोशिश की जाएगी।
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