बिजनौर में एक ही स्कूल में कई वर्षों से जमें शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले होंगे। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से डाटा मांगा है। इसे लेकर शिक्षकों में खलबली है। तबादलों से बचने के लिए अभी से शिक्षक एक दूसरे से चर्चा कर बीच का रास्ता खोजने में जुट गए हैं।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए शासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में निरीक्षण के के आदेश दिए गए हैं। आए दिन इन स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की नजर इन स्कूलों पर हैं। अब शासन ने पिछले कई वर्षों से एक ही स्कूलों में जमे शिक्षकों के तबादले भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्देशों से शिक्षकों में खलबली हैं। अधिकांश शिक्षक 10 से 15 वर्षों से एक ही स्कूल में जमे हुए हैं। प्रधानाध्यापकों के तबादले तो काफी समय से हुए ही नहीं है। शासन के आदेश ने शिक्षकों के होश उड़ा दिए हैं। तबादलों से बचने के लिए अभी से शिक्षक आदेश को तुगलकी फरमान बता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जिले से जिले में ऑनलाइन तबादले होने से शिक्षा व्यवस्था पर गलत असर पड़ेगा।
फिलहाल स्कूलों में स्कूल चलो अभियान चल रहा है। इसके तहत बच्चों के प्रवेश किए जा रहे हैं। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक शासन ने जिले के शिक्षकों का डाटा मांगा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ब्लॉक स्तर पर डाटा लेकर शासन को भेजा गया है।