कलक्ट्रेट में धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
ऑनलाइन व्यवस्था का पूर्ण बहिष्कार रहेगा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पर धरना देकर ऑनलाइन व्यवस्था का विरोध किया। मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र एसडीएम सदर मनोज कुमार को सौंपा गया। मांगें पूरी नहीं होने तक ऑनलाइन व्यवस्था का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान किया गया।
संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव के नेतृत्व में शिक्षक कलक्ट्रेट में एकत्रित हुए। यहां धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। पहले उनकी मांग पूरी की जानी चाहिए, तभी ऑनलाइन व्यवस्था की बात करें। अटेवा के प्रांतीय उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह ने कहा कि संगठन शिक्षकों के साथ है।
उन्होंने शिक्षकों की लंबित मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की। राहुल राठी, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष गयूर आसिफ, विनोद सिंह, हितेश चौहान, गुलशन गुप्ता, नौबहार सिंह, अरशद जमाली, सुधा राज, महिला शिक्षक संघ की अध्यक्ष रुचिता सिंह, वर्षा शरण, उमेश राजपूत, टीएससीटी जिला संयोजक नवाब आलम, नीरज वर्मा, वंदना रानी, नीतू सिंह, रूचि चौधरी, संजू राणा आदि मौजूद रहे।
ये संगठन धरने रहे उपस्थित
धरो में उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अटेवा, महिला शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संगठन, अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन , टीएससीटी से जुड़े शिक्षक मौजूद रहे।
संकुल बैठकों का विरोध, विभागीय ग्रुप से होंगे बाहर
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कमार यादव ने कहा 16 जुलाई को होने वाली शिक्षक संकुल बैठक के बहिष्कार का एलान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक इन बैठकों में हिस्सा न लें। इसके साथ ही सभी शिक्षक विभागीय ग्रुप छोड़ दें। शिक्षक संकुल भी अपने पदों से इस्तीफा दे दें।
शिक्षकों की प्रमुख मांगे
1- ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश को निरस्त किया जाए
2- शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भांति मिले 30 अर्जित अवकाश
3- पुरानी पेंशन हो बहाल
4- प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए तुरंत पदोन्नति की जाए
5- शिक्षामित्र में अनुदेशकों को समान कार्य समान वेतनमान का लाभ दिया जाए
6- शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए
7- शिक्षकों, शिक्षामित्र अनुदेशकों को सामूहिक बीमा ,प्रीमियम मुक्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित किया जाए।