कई स्कूलों में नहीं मिले शिक्षक, छात्र भी कम मिले
बिजनौर। जिले के माध्यमिक स्कूलों की पढ़ाई की डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा मुरादाबाद मंडल के निरीक्षण से पोल खुल गई। स्कूलों में शिक्षक नहीं मिले। कक्षाओं में छात्रों की संख्या नहीं के बराबर थी। मामले में प्रधानाचार्य तथा शिक्षकों का जवाब तलब किया गया है।
कोरोना के कारण माध्यमिक स्कूल मार्च से बंद थे। करीब आठ माह बाद स्कूल पठन पाठन के लिए खुले। शासन ने छात्रों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी की थी। जिले में सवा लाख छात्रों में से करीब 46,000 छात्रों की सहमति मिली थी। शासन के निर्देश थे कि स्कूल अभिभावकों को कोरोना से बचाव के साधनों से जागरूक करें। अभिभावकों की सहमति बढ़ाएं।
जीआईसी प्रधानाचार्य निशांत कुमार के अनुसार सोमवार को उपनिदेशक शिक्षा मुरादाबाद ज्योति प्रसाद अचानक एमएम इंटर कॉलेज चांदपुर पहुंचे। पाया कि पांच-छह शिक्षकों के हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं थे। कक्षाओं में छात्रों की संख्या भी नहीं के बराबर थी। इसके बाद रहमानिया बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। वहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं मिला। छात्राओं की संख्या भी कम थी।
उपनिदेशक ने हिंदू इंटर कॉलेज चांदपुर, जनता इंटर कॉलेज हीमपुर दीपा, विदुर गृह इंटर कॉलेज विदुर कुटी, जीआईसी वह जीजीआईसी बिजनौर का भी निरीक्षण किया। इन स्कूलों में सभी शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित मिले। बताया गया कि उपनिदेशक ने सभी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति नहीं बढ़ने तथा पढ़ाई को लेकर सवाल जवाब किए थे।
जीपीएफ, बीमा, पेंशन की जानकारी ली
उपनिदेशक ने जीजीआईसी में बैठक करके जिले के राजकीय इंटर कॉलेजों के एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 में सेवानिवृत्त होने वाले व हो चुके 33 शिक्षक तथा 10 कर्मचारियों के जीपीएफ, बीमा व पेंशन आदि के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान प्रभारी डीआईओएस सुभाष कुमार , जीआईसी प्रधानाचार्य निशांत कुमार मौजूद रहे।