फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंगामे के बीच शिक्षकों ने भरे विकल्प पत्र

Thu, 30 Aug 2018 12:25 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
विज्ञापन
जीआईसी में विकल्प पत्र भरवाने के दौरान हंगामा करते शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिजनौर में  सरप्लस शिक्षकों को   दूसरे स्कूलों में भेजने के लिए बीएसए और शिक्षकों में तनातनी चल रही है। बुधवार को हंगामे के बीच कई शिक्षकों ने विकल्प पत्र भरे। जबकि कई शिक्षक समायोजन सूची जारी होते ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुटे हैं। दिनभर जीआईसी में गहमागहमी     का माहौल बना रहा।
विज्ञापन

बुधवार को बीएसए ने जिले के सरप्लस शिक्षकों को राजकीय इंटर कॉलेज में विकल्प पत्र भरने के लिए बुलाया था। एक महीने से इन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजने की कवायद चल रही है। 16 अगस्त को शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद विकल्प पत्र नहीं भरे गए थे। बुधवार को भी जीआईसी में कई बार हंगामे जैसी स्थिति रही। सीडीओ प्रवीण कुमार मिश्र और एसडीएम बृजेश सिंह ने भी बेसिक शिक्षा विभाग के काम पर नजर रखी। विकल्प पत्र भरने की प्रक्रिया में बीएसए महेश चंद्र पूरे दिन जीआईसी में ही डटे रहे। उनके साथ बीईओ शिव कुमार, अजय कुमार, देशराज वत्स, सुभाष चंद्र सहित शिक्षा विभाग के सभी खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी जीआईसी में ही मंडराते रहे। कुछ शिक्षक बुधवार को भी बहिष्कार करना चाहते थे, लेकिन शिक्षकों में सहमति नहीं बन पाई। कई बार हंगामा हुआ पर शिक्षक विकल्प पत्र भी भरते रहे। करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों ने दूसरे स्कूलों में जाने के लिए विकल्प पत्र भर दिए हैं। जिन शिक्षकों ने विकल्प पत्र नहीं भरे हैं शिक्षा विभाग के अधिकारी उन्हें दूसरे स्कूलों में भेजने की तैयारी करने में जुट हैं। ब्लॉक अफजलगढ़, नूरपुर, नजीबाबाद से अधिकांश शिक्षकों ने विकल्प पत्र भरे हैं। जबकि हल्दौर और मोहम्मदपुर देवमल से विकल्प पत्र भरने वालों की संख्या कम है।
विज्ञापन


विकल्प भरने की प्रक्रिया के दौरान शिक्षिकाएं दिखीं परेशान  
बिजनौर में जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक होने से अब स्कूल में जूनियर शिक्षक परेशान हैं। जीआईसी में विकल्प पत्र जमा करने आईं कई शिक्षिकाएं रोती रहीं। उनका कहना था कि उन्हें कम से कम ऐसे स्कूलों में भेजा जाए ढ जहां आने जाने के साधन हों। ग्रामीण क्षेत्रों में काफी ऐसे स्कूल हैं जिनमें आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, शिक्षकों के समायोजन के लिए विकल्प पत्र भरवाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे।    इसके लिए प्रशासन की ओर से जीआईसी में पुलिस बल तैनात किया गया था। ताकि किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। बीएसए महेश चंद्र समय समय पर शिक्षकों     को लाउड स्पीकर के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें