शिक्षकों ने की समस्याओं के निराकरण की मांग
धामपुर/शेरकोट। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने प्रदेश सरकार से विभिन्न समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को धामपुर विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक राणा और बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक सुशांत सिंह को प्रदेश के सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपे। कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन होगा।
बृहस्पतिवार को माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यकर्ता गांव ठाटजट में पहुंचे। वहां पर प्रदेश के सीएम को संबोधित ज्ञापन विधायक अशोक राणा को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वित्त विहीन स्कूलों के कार्यरत शिक्षकों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य भुखमरी के कगार पर हैं। प्रदेश में 70 प्रतिशत स्कूल कालेज इन्हीं वित्तविहीन शिक्षकों के बलबूते चल रहे हैं। सपा सरकार में इन शिक्षकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जा रहा था। भाजपा सरकार ने उसे भी खत्म कर दिया। सरकार द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक बनाने का लालच देकर अपने स्वार्थों की पूर्ति की जा रही है। शिक्षकों को पेंशन व सामूहिक बीमा व अन्य भत्तों से वंचित किया जा चुका है। संगठन द्वारा सरकार के सम्मुख शिक्षकों की समस्याओं को उठाया जाता रहा है। प्रदेश सरकार से अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त हुए शिक्षक, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा शर्तों एवं सुरक्षा की नियमावली बनाने व उन्हें 15000 रुपये प्रति माह मानदेय देने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, सरकार द्वारा बंद किए भत्तों को पुन: जारी करने सहित जनवरी 2020 से फ्रीज किए महंगाई भत्ते को तत्काल बहाल करने की मांग की है। शिक्षकों ने बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री विनोद कुमार, सुशील कुमार शर्मा, विजय वर्मा, भानुप्रकाश, शिवकुमार सिंह रहे।