यूनिफार्म का भुगतान न होने से शिक्षक परेशान
बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2019-20 में बच्चों को दी गई यूनिफॉर्म का अभी तक पूरा भुगतान नहीं हो पाया है। इसे लेकर शिक्षक परेशान हैं । 25 प्रतिशत धनराशि अभी बेसिक शिक्षा विभाग पर बकाया है। भुगतान कराने को लेकर शिक्षक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रेह हैं। जबकि शासन ने जुलाई से शुरू होने वाले सत्र के लिए यूनिफॉर्म वितरण कराने की तैयारी शुरू कर दी। है।
शिक्षा सत्र 2019- 20 में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत करीब 173000 छात्र-छात्राओं को शासन से निशुल्क यूनिफॉर्म का वितरण कराया जाना था। दो-दो यूनिफॉर्म के लिए प्रत्येक बच्चे के हिसाब से 600 रूपये की धनराशि आवंटित की गई थी। धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में हस्तांतरित की जानी थी। शिक्षकों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में 75 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी। जबकि 25 प्रतिशत धनराशि अभी विभाग की ओर बकाया है। जबकि सभी बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई गई। मार्च में विद्यालय बंद भी हो गए। लेकिन अभी तक अवशेष धनराशि नहीं मिली है। जिन फर्मों से शिक्षकों व ग्राम प्रधान द्वारा यूनिफॉर्म खरीदी गई है, उन फर्म का स्कूलों पर 25 प्रतिशत बकाया है। फर्म भुगतान की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
दूसरी ओर बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2020-21 में छात्राओं को निशुल्क यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए अभी से तैयारी करनी शुरू कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि पहले पिछले सत्र की बकाया भुगतान किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी अध्यक्ष राहुल राठी ने बताया कि संगठन की ओर से कई बार बेसिक शिक्षा विभाग को लिखित में दिया गया है। शिक्षक शिक्षक नेता देवेंद्र शर्मा, धर्म सिंह पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के संगठन मंत्री राजवीर सिंह देवरा आदि का कहना था कि विगत धनराशि का भुगतान न होने से शिक्षकों को परेशानी हो रही है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रसाद चौधरी ने बताया कि उन्होंने कई बार बीएसएसए अवशेष धनराशि की मांग की।
बीएसए महेश चंद के मुताबिक अवशेष धनराशि के भुगतान के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। शासन से धनराशि आते ही विद्यालय प्रबंध प्रबंध समिति के खातों में धनराशि भेज दी जाएगी।