संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। किसानों ने इस बार शरदकालीन बुवाई के दौरान 0238 गन्ने की प्रजाति को पूरी तरह से नकार दिया है। 0238 गन्ने की वाई नहीं की। सबसे ज्यादा बुवाई उन्नतशील प्रजाति 0118 और 16201 प्रजाति के बीज से की है।
गन्ना विभाग की ओर से इस बार चार हजार हेक्टेयर में शरदकालीन गन्ने की बुवाई का लक्ष्य था। मगर, दो हजार हेक्टेयर में ही बुवाई हो सकी है।
यह पिछले साल की तुलना में दोगुने क्षेत्रफल में है।गन्ना परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी अमित कुमार पांडे ने बताया कि गन्ना विभाग की ओर से इस बार धामपुर क्षेत्र को चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरद कालीन गन्ने की बुवाई का लक्ष्य दिया गया था।
गन्ने की बुवाई लक्ष्य के सापेक्ष नहीं हो सकी है। इस बार करीब 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही बुवाई हो सकी। पिछले साल तीन हजार हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई हुई थी।अच्छी बात यह है कि इस बार किसानों ने 0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई नहीं की। किसानों ने पहले से ही 0238 प्रजाति की बुआई न करने का मन बना लिया था।
इसके स्थान पर किसानों ने सबसे अधिक उन्नतशील प्रजाति 0118 ,16201, 13235 और 150 23 प्रजाति के गन्ने से बुवाई की है। 70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों से पंचामृत विधि अपनाकर ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई की, जो अच्छी पैदावार के लिए उत्कृष्ट प्रयास है।
n तापमान में भारी गिरावट आने पर गन्ने की बुवाई न करें एससीडीआई अमित कुमार पांडेय का कहना है कि अब सर्दी बढ़ने के कारण तापमान में भारी गिरावट आ रही है ।ऐसे में किसान एक-दो दिन के भीतर बुवाई कर लें। यदि तापमान में और गिरावट आती है तो गन्ने की बुवाईन करें। क्योंकि अधिक ठंड के कारण गन्ने का जमाव ठीक से नहीं होता।यदि उन्हें गन्ने की बुवाई करनी है तो एक-दो दिन के भीतर पूरी कर लें। सही तरीके से की गई बुवाई से अच्छी पैदावार मिलती है औरकिसानों को लाभ होता है।