संदीपनाथ के गाने को स्वर कोकिला ने दी थी आवाज
बिजनौर। प्रसिद्ध गायिका भारतरत्न लता मंगेशकर का रविवार को देहांत हो गया। जनपद के धामपुर निवासी बॉलीवुड गीतकार संदीपनाथ के द्वारा लिखा हुआ गाना लता मंगेशकर ने गाया था। संदीपनाथ लता मंगेशकर द्वारा उनका लिखा गाना गाए जाने को अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
जनपद के धामपुर से निकलकर बॉलीवुड में अपने गीतों से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले संदीपनाथ बताते हैं कि फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर पेज थ्री फिल्म बना रहे थे। फिल्म के संगीतकार समीर टंडन ने उन्हें फोन किया और मधुर भंडारकर से मिलवाया। मधुर भंडारकर ने उन्हें पेज थ्री का थीम गीत लिखने के लिए कहा। मधुर भंडारकर ने बताया कि गीत ऐसा होना चाहिए जो लता मंगेशकर से गवाया जा सके। इसके बाद संदीपनाथ ने गीत ‘कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पे, दो पल मिलते हैं साथ-साथ चलते हैं’ लिखा।
संदीपनाथ बताते हैं कि यह गीत लता मंगेशकर को भेजा गया। उन्हें गीत के बोल बेहद पसंद आए और उन्होंने गाना गाने के लिए हामी भर दी। इसके बाद लता मंगेशकर जी के घर गीत पर बात हुई। संदीपनाथ बताते हैं कि जब वह लता मंगेशकर के घर से निकल रहे थे तब उन्होंने अपनी माताजी को धामपुर फोन किया और उन्हें बताया कि वह आज लता मंगेशकर जी के घर पर उनसे मिलकर आ रहे हैं। संदीपनाथ बताते हैं कि एक बार लता मंगेशकर इसी गीत के सिलसिले में जब स्टूडियो आई तब पोहा और उपमा बनाकर लाई थी जिसे सभी ने बड़े चाव से खाया था।
2004 में रिकॉर्ड हुआ था गाना
26 जून 2004 को यह गाना रिकॉर्ड हुआ। संदीपनाथ बताते हैं कि लता मंगेशकर अपना गाया हुआ गाना नहीं सुनती थी। इस गाने को गाने के बाद लता जी ने सभी के साथ फोटो भी खिंचवाए थे। फिल्म 21 जनवरी 2005 को रिलीज हुई और इस गीत के लिए संदीपनाथ को चार अवॉर्ड में नामांकन प्राप्त हुआ। संदीपनाथ लता मंगेशकर के साथ काम करने को अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।