बिजनौर। सूरज की किरणों से घर, प्रतिष्ठान रोशन हो रहे हैं और निजी नलकूपों से फसलों की सिंचाई के लिए पानी निकल रहा है। इससे किसानों पर नलकूप का बिजली बिल का बोझ कम हो रहा है, वहीं व्यापारी व आम उपभोक्ता घर व प्रतिष्ठानों पर सोलर पैनल सिस्टम लगाकर बिजली बिल की बचत कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
जिले में पीएम सूर्य घर योजना, सोलर पंप योजना के तहत सोलर सिस्टम लग रहे हैं। शासन की ओर से इस पर अनुदान दिया जा रहा है। बिजनौर डिवीजन की बात करें तो 400 उपभोक्ताओं ने घर व प्रतिष्ठान पर सोलर पैनल सिस्टम लगाकर बिजली बिल शून्य कर लिया है। लोगों द्वारा पैनल सिस्टम लगाने से न सिर्फ ग्रिड बिजली पर निर्भरता को कम कर रहा है, बल्कि घरों पर सिस्टम से अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने पर उसे ग्रिड को बेचा जा रहा हैै। सोलर पंप से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार इस बार 1600 सोलर ऊर्जा पंप लक्ष्य आया और गत वर्ष 936 सोलर ऊर्जा पंप लगाए गए थे। अब तक 1982 सोलर पंप जिले में लगाएं जा चुके हैं।
- बिजली बिल का बोझ हुआ कम
ग्राम चंदनपुरा निवासी किसान ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि सौर ऊर्जा निजी नलकूपों से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। बिजली पर निर्भरता नहीं रही है। आय में बढ़ोत्तरी हुई। ग्राम अगरी निवासी किसान ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि सोलर सिस्टम से फसलों की सिंचाई व जैविक खेती कर रहे हैं। सोलर सिस्टम से करीब बिजली शून्य हुआ है। अब तो सरकार ने बिजली बिल माफ कर दिया।
- सौर ऊर्जा से बचा रहे रकम
पिछले आठ साल से जिले में अलग-अलग क्षमता के करीब 1982 सोलर पंप लगाएं गए हैं। वर्ष 2015-16 से 2022-23 तक 95 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत करके किसान लाखों रुपये बिजली बिल के बचा पाए। सोलर पंप से सिंचाई करने पर खेती में कम लागत आने से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। -गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक
- सौर ऊर्जा के 400 लगे सिस्टम
डिवीजन क्षेत्र में करीब 400 सिस्टम सोलर पैनल के लग गए हैं। इनमें करीब सवा तीन सौर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लग गए हैं। बाकी का कार्य पूर्ण होने पर मीटर लगा दिए जाएंगे। - एके कैम, अधिशासी अभियंता