सुकन्या समृद्धि योजना ने सुरक्षित किया भविष्य
बिजनौर। जिले के लोग बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने को लेकर काफी जागरूक हुए हैं। अब जिले में करीब 30 हजार 555 लोगों ने सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाते खुलवाए हैं। केवल एक से 21 जनवरी 2020 तक 418 लोगों ने इस योजना के अंतर्गत अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया है। अफसरों के अनुसार किसी भी डाकघर में मात्र 250 रुपये में यह खाता खोला जा सकता है। इसमें प्रतिवर्ष एक हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं और यह धनराशि पूरी तरह से कर मुक्त है। इस खाते पर 8.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान आंदोलन का रूप ले चुका है। लोगों को बेटी बचाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ताकि बेटियों का कोख में कत्ल होने से बचाया जा सके। ऐसा होने पर लिंगानुपात स्थिर रहता है। शासन प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है। बेटियां हर प्रकार से सशक्त और मजबूत हों इसके लिए डाक विभाग ने सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर चलने की ठान ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत जनवरी 2015 में की थी। केंद्र सरकार के निर्देश पर डाकघरों में शुरू हुई सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत मात्र 250 रुपये में किसी भी डाकघर में खाता खुलवाया जा सकता है।
इससे पहले एक हजार रुपये में यह खाता खुलता था। इसके तहत बेटी की उम्र 21 साल होने पर इसकी धनराशि पूर्ण हो जाती है। 18 साल पर आंशिक रूप से धनराशि को निकाल सकते हैं। यदि दुर्भाग्यवश बच्ची की मौत हो जाती है तो खाता तुरंत बंद हो जाएगा। इस प्रकार के केस में खाते में पड़ी रकम अभिभावकों को दे दी जाएगी। उस समय अभिभावक को कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड पैन कार्ड आदि की फोटो कॉपी संबंधित डाकघरों में जमा कराने होंगे।
डाक अधीक्षक एमएम हुसैन ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए वरदान है। सभी लोगों को अपनी दस साल तक की बेटियों के खाते अवश्य खुलवाने चाहिए, जिससे उनकी पढ़ाई और विवाह आदि की फिक्र न करनी पड़े। उन्होंने बताया कि अब तक जिले भर के डाकघरों में 30 हजार 555 बेटियों के खाते खोले गए हैं। इस खाते पर वर्तमान में 8.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है। अभी तक सर्वाधिक ब्याज धनराशि इसी योजना की है।