बिजनौर। आत्महत्या सिर्फ एक शब्द ही नहीं है। बल्कि, इसकी वजह से तमाम घर बिखर चुके हैं। जिले में आत्महत्या आपदा बन रही है। छोटी-छोटी बातों पर लोगों का धैर्य टूट रहा है। जिस वजह से वह आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। आत्महत्या का मुख्य कारण मानसिक बीमारी, सामाजिक और बायोलॉजिकल समस्या सामने आती है।
मेडिकल अस्पताल के मनकक्ष में आए दिन 100 मरीज मानसिक समस्याओं से ग्रसित पहुंच रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि काफी लोग मानसिक रूप से बीमार हैं। अक्सर देखने में आ रहा है कि छोटी-छोटी बातों पर लोग आत्महत्या कर रहे हैं।
इस साल जिले में करीब 50 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। आत्महत्या करने वालों में किशोर, युवा, महिला, बुजुर्ग सभी वर्गों के लोग हैं। बढ़ती उम्मीद और समाज में दिखावा भी आत्महत्या का कारण सामने आ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि जीवन में आ रही समस्या के बारे में परिवार के लोगों से साझा करें। ताकि, उसका समाधान मिल सके।