सौ बीघा जमीन में खड़ा गन्ना नहीं हो सका नीलाम
बिजनौर। गंगा खादर में खेती का खेल कोई नया नहीं है। कई बार इस खेती को लेकर संघर्ष हो चुके हैं, लेकिन इस बार प्रशासन भी बीच में कूद गया है। मंडावर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गंगा खादर में प्रशासन ने इस बार कार्रवाई करते हुए 1100 बीघा से ज्यादा जमीन में खड़ा गन्ना जब्त कर उसकी नीलामी करा दी। अब तक नीलाम गन्ने की रकम की बात करें तो अब तक तहसील में 30 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर अभी भी इस क्षेत्र में 100 बीघा से ज्यादा गन्ना और खड़ा हुआ है, जिसके लिए प्रशासन खरीदार तलाश रहा है।
मंडावर क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर में वर्ष 1992 के आसपास हजारों बीघा गंगा खादर की जमीन पर पट्टे काट दिए गए थे। इन पट्टों की आड़ में भूमाफिया भी वहां सक्रिय हो गए। सालों तक शिकायतें चलीं, लेकिन खेती का खेल जारी रहा। पिछले साल एडीएम न्यायिक के यहां से यह सारे पट्टे रद्द हो गए, लेकिन खेती जारी रही। इस बार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नेतृत्व में गठित टीम यहां खेती रोकने के लिए लगाई गई। टीम ने करीब 1100 बीघा जमीन पर खड़े गन्ने की फसल को जब्त कर लिया और चार चरणों में इसे नीलाम करा दिया। अब तक हुई नीलामी की बात करें तो 30 लाख का गन्ना नीलाम कराया जा चुका है। पिछले कई सालों पर नजर डालें तो फसल जब्त कर नीलाम कराने की यह बड़ी कार्रवाई है।
400 बीघा जमीन से काट लिया गन्ना
प्रशासन की सख्ती के बावजूद वहां माफिया सक्रिय रहे। फसल जब्त करने के बाद भी भूमाफिया गंगा खादर से करीब 400 बीघा जमीन पर खड़ा गन्ना काटकर ले गए। हालांकि प्रशासन की ओर से करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मंडावर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुरुषोत्तमपुर गंगा खादर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा जब्त की गई गन्ने की फसल अभी भी खड़ी है। प्रशासन का मानना है कि करीब 100 बीघा से ज्यादा फसल खड़ी है, लेकिन उसमें जानवरों ने नुकसान काफी कर दिया है, जिस कारण उसकी नीलामी नहीं हो पा रही है। उधर, मिल बंद होने के कारण लोग गन्ने की नीलामी में भाग लेने से हिचकिचाते नजर आ रहे हैं।
गंगा खादर में गलत तरीके से खेती नहीं होने दी जाएगी। अब तक गन्ने की नीलामी से आए 30 लाख रुपये तहसील में जमा हो चुके हैं। करीब 100 बीघा गन्ना और बचा है, उसकी नीलामी के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई इस जमीन पर खेती करेगा तो अब उसके खिलाफ एंटी भूमाफिया एक्ट में कार्रवाई की जाएगी - विक्रमादित्य सिंह मलिक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेेट एवं एसडीएम सदर