कोल्हू और क्रेशरों पर गन्ने के दाम चीनी मिलों से ज्यादा
बिजनौर। ऑफ सीजन शुरू होते ही गुड़ और चीनी के दामों में उछाल आना शुरू हो गया है। अप्रैल में ही गुड़ के दामों में 600 रुपये तक और चीनी के दामों में 250 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि हुई है। गुुड़ के दाम बढ़ने से कोल्हू व क्रेशरों पर गन्ने के दामों में बहुत उछाल आया है। कहीं कहीं तो कोल्हू व क्रेशरों पर गन्ने के दाम चीनी मिलों के दामों से भी अधिक हो गए हैं।
पिछले साल पेराई सत्र शुरू होने के वक्त गुड़ के दाम 3400 रुपये और चीनी के दाम 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। लॉक डाउन के समय लोगों ने गुड़ का बहुत उपभोग किया था। गुड़ शरीर को ऊर्जा देता है। देशी चीजों की ओर रुझान बढ़ा तो जनता ने गुड़ को भी अपना लिया था। लेकिन पिछले साल गुड़ बनाने के लिए इतने ज्यादा कोल्हू और क्रेशर चले की ज्यादा उत्पादन होने की वजह से गुड़ के दाम 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। अब कोरोना का कहर फिर से जारी होने और गन्ने का ऑफ सीजन शुरू होने से गुड़ के दामों में बंपर इजाफा हुआ है।
गुड़ के दाम 2500 रुपये से बढ़कर 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गए हैं। नजीबाबाद चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने का दाम 290 से 300 रुपये प्रति क्विंटल, चांदपुर में 330 से 350 रुपये प्रति क्विंटल, बरकातपुर चीनी मिल क्षेत्र में 305 से 325 रुपये प्रति क्विंटल, बहादरपुर में 330 से 360 रुपये प्रति क्विंटल और बिलाई चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने के दाम 320 से 330 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गए हैं। ऐसा कई साल बाद हुआ है कि कोल्हू व क्रेशरों पर गन्ने के दाम चीनी मिलों से अधिक हो गए हैं। इसके अलावा किसान आंदोलन की वजह से दूसरे राज्यों के जाने वाले रास्तों पर चक्का जाम से चीनी के दाम न्यूनतम स्तर पर पहुंचकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए थे। अब चीनी के दाम भी बढ़कर 3350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं।
ये है दाम बढ़ने की वजह
एक क्रेशर संचालक के अनुसार जिलों में गन्ना पेराई खत्म हो गई है। वहां गन्ने में रेड रॉट रोग भी था, जिससे वहां गन्ने की पैदावार भी प्रभावित हुई है। अब आसपास के जिलों में ही गुड़ बनाने का काम हो रहा है। गुड़ के दाम बढ़ने की यह सबसे बड़ी वजह है। कोल्हू संचालक राकेश सैनी ने बताया कि वे गन्ना 320 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद रहे हैं और गुड़ 3100 रुपये क्विंटल पर बेच रहे हैं। गुड़ के दाम बढ़े हैं। क्रेशर संचालक हरपाल सिंह के अनुसार गुड़ की मांग बढ़ने से गुड़ और गन्ने दोनों के दाम बढ़े हैं। अभी गुड़ के दाम और बढ़ेंगे।