सिंगल बड चिप सीडलिंग से लगा रहे गन्ना नर्सरी
बढ़ापुर। गन्ना विभाग की सिंगल बड चिप सीडलिंग पर आधारित आधुनिक गन्ना नर्सरी के माध्यम से महिलाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना साकार हो रही है। बढ़ापुर क्षेत्र के किसान भी इस विधि से तैयार गन्ने की पौध में रुचि लेकर नर्सरी की बुवाई करा रहे हैं। गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई ने नर्सरी व बुवाई कार्य का निरीक्षण कर गन्ना किसानों को आवश्यक टिप्स दिए।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत गन्ना विभाग की ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के तहत बढ़ापुर क्षेत्र के मोजा कोटजवाना व दल्लावाला में शिरोमणि नामक महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सिंगल बड चिप सीडलिंग विधि के आधार पर उन्नत प्रजाति के गन्ने की पौध तैयार की है। ग्राम कोटजवाना में गन्ना नर्सरी में तैयार गन्ना पौध का समूह की महिलाएं गन्ना विभाग के सहयोग व देखरेख में वितरण कर रही है। कृषकों को गन्ना पौध का वितरण गन्ना विकास परिषद द्वारा तैयार कार्य योजना के आधार पर किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को ग्राम कोटजवाना में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार नर्सरी व गन्ना पौध बुवाई का निरीक्षण करने आए गन्ना विकास परिषद बुंदकी-नगीना के एससीडीआई अविनाश चंद्र तिवारी ने बताया कि बड चिप के लिए नौ माह की स्वस्थ एवं कीट रहित गन्ना फसल से नर्सरी के लिए गन्ने का चुनाव किया गया है। रोग एवं कीट रहित स्वस्थ आंखों वाले रोगमुक्त गन्ने से बड चिप निकालते हुए पोर ट्रे में बुवाई से पहले गन्ने को उपचारित भी किया गया। एक पोर ट्रे के 50 खानों में बालू व मिट्टी के साथ सही अनुपात में कार्बनिक खाद मिलाकर नर्सरी तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि इस कार्य योजना को साकार करने के लिए गन्ना विभाग ने परिषद क्षेत्र में आधा दर्जन महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया था। समय-समय पर समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया गया। महिला समूहों ने 8400 पोर ट्रे के माध्यम से करीब चार लाख 20 हजार पौध तैयार की है, जिसमें करीब तीन लाख पौध की सर्किल क्षेत्र के किसान बुवाई भी कर चुके है। बढ़ापुर निवासी किसान बसंत कुमार, मोहम्मद राशिद व उज्ज्वल कुमार ने बताया कि उन्होंने शिरोमणि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से गन्ना पौध खरीदकर करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में सीडलिंग माध्यम से पौध की बुवाई कर एनएफएसएम प्लॉट तैयार किए हैं।