बिजनौर के झालू में जूस पीने से हुई फूड प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के सात लोग बीमार हो गए। हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
झालू निवासी फरमान के घर पर छुट्टियों में उसकी बहन व भांजे आए हुए थे। रविवार की रात फरमान सभी के लिए ठेले से मौसमी का जूस लेकर आया। रात में करीब नौ बजे सभी ने मौसमी का जूस पिया।
मौसमी का जूस पीने के कुछ देर बाद ही झालू निवासी फरमान 25 वर्ष पुत्र असगर, शाईस्ता परवीन 18 वर्ष पत्नी असगर, फैजान 15 वर्ष पुत्र असगर, थाना हल्दौर गांव पुठ्ठा निवासी फरजाना 28 वर्ष पत्नी अयूब, बिजनौर के मोहल्ला बख्शीवाला निवासी फरहाना 25 वर्ष पत्नी वरीश, मोहल्ला चाहशीरी निवासी वरीशा 32 वर्ष पत्नी फरीद, सुहैल 12 वर्ष पुत्र फरीद की तबियत बिगड़ने लगी।
सभी को उल्टी के साथ सिर चकराने लगा। कुछ देर बाद सभी को हल्की बेहोशी छाने लगी। परिवार के जिन सदस्यों ने जूस नहीं पिया था, उनकी हालत पूरी तरह से ठीक रही। रात सभी घर में बेहोशी की हालत में पड़े रहे। सुबह परिजनों ने उन्हेें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में भर्ती फरमान ने बताया कि वह स्वयं देरशाम मौसमी का जूस लेकर आया था। जूस में शक्कर व बर्फ के अलावा कुछ भी नहीं डाला गया था।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डा. प्रेमप्रकाश का कहना है कि पुराने रखे बासी जूस से भी फूड प्वाइजनिंग हो सकती है, ऐसा भी हो सकता है कि जूस बनाते समय उसमें छिपकली का बच्चा अथवा अन्य कोई जहरीला जीव गिर गया हो। डॉक्टर ने फूड प्वाइजनिंग के कारण तबियत खराब होने की पुष्टि की।