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चेकिंग के नाम पर परेशान नहीं होंगे विद्यार्थी

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चेकिंग के नाम पर परेशान नहीं होंगे विद्यार्थी
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बिजनौर। शासन यूपी बोर्ड परीक्षा में छात्रों को चेकिंग के नाम पर परेशान किए जाने को लेकर सख्त हो गया है। इस बार छात्र-छात्राओं के जूते मोजे उतरवाकर नंगे पांव परीक्षा में नहीं बैठाया जाएगा। ऐसा मामला सामने आने पर आरोपी शिक्षक तथा केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यूपी बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। शासन को इस तरह की शिकायत मिल रही थी कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को चेकिंग के नाम पर परेशान किया जाता है। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि बोर्ड ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। चेकिंग के नाम बदले की भावना से कोई काम नहीं होगा। छात्र को परिवार के बच्चे की तरह मनोवैज्ञानिक ट्रीटमेंट दिया जाएगा। छात्र के परीक्षा कक्ष में पहुंचने पर कक्ष निरीक्षकों व आंतरिक टीम द्वारा तलाशी ली जाती है। इस बार बोर्ड के सख्त निर्देश हैं कि छात्र-छात्रा के जूते मोजे उतरवाकर नंगे पैर परीक्षा में नहीं बैठाया जाए। तलाशी के बाद छात्र को जूते मोजे पहनने की अनुमति दे दी जाएगी। यदि छात्र को परेशान करने की शिकायत मिलती है तो आरोपी शिक्षक के साथ केंद्र व्यवस्थापक भी जिम्मेदार होगा। दोनों के खिलाफ परिषद नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। आंतरिक सचल दल में एक महिला शिक्षक का होना जरूरी है। छात्रा की तलाशी केवल महिला शिक्षक ही लेगी। एक ही शिक्षक की रोजाना सचल दल में ड्यूटी नहीं लगेगी। चेकिंग की त्रिस्तरीय व्यवस्था है। सबसे पहले केंद्र के मुख्य द्वार पर तलाशी होगी। कक्षों में आंतरिक दल तथा तीसरी विभाग का जिला फ्लाइंग स्क्वायड तलाशी लेगा। छात्र को बार बार तलाशी के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा।
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प्रवेश पत्र में गलती होने पर रुक सकता है रिजल्ट
बिजनौर। यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र के प्रवेश पत्र में नाम, पिता, माता के नाम, जन्मतिथि आदि में गलती है। या छात्र का फोटो में किसी तरह की त्रुटि है तो उसकी जानकारी कॉलेज के प्रधानाचार्य को दें। प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी है कि वह छात्र की गलती को बोर्ड की वेबसाइट पर ठीक कराएं। छात्र पंजिका से छात्र, माता, पिता का नाम जन्मतिथि का मिलान कर लें। यदि किसी छात्र का माता व पिता, तीनों का नाम बदल गया है तो प्रधानाचार्य डीआईओएस के माध्यम से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित करें। ऐसा नहीं करने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी। संशोधन के लिए 25 फरवरी तक बोर्ड की वेबसाइट खुली हैं। संशोधन नहीं होने पर छात्र का रिजल्ट रुक सकता है।
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