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यूपी बोर्ड के स्कूलों में बिना किताब कापी के हो रही है आनलाइन पढ़ाई

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छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई में दिलचस्पी कम
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बिजनौर। यूपी बोर्ड के स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई बिना किताब व कापी के हो रही है। इसके चलते छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई में कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है। जो छात्र ऑनलाइन जुड़े हैं, वे विषय की समस्याएं नहीं भेज रहे हैं। पांच दिन में मात्र 40-50 समस्या आई हैं। कई विषय में तो एक भी समस्या नहीं आई है। अभिभावकों का कहना है कि बिना किताबों के ऑनलाइन पढ़ाई से कोई फायदा नहीं है।
यूपी बोर्ड के स्कूलों में 20 मई से कक्षा 9, 10, 11 तथा 12 के छात्रों की आनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। जिले के 387 विद्यालयों में करीब एक लाख छात्र-छात्राएं इन कक्षाओं में है। डीआईओएस दफ्तर के अनुसार शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर करीब 20000 छात्रों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। शासन ने कोरोना के कारण छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है लेकिन छात्रों ने अगली कक्षा की किताब कापी नहीं खरीदी है। अभिभावकों रजनीश शर्मा, गौरव एडवोकेट का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार बंद थे। अगली कक्षाओं के कोर्स की किताबें भी बाजार में नहीं आई थी। किताब कापी कहां से खरीदते। कहा कि बिना किताबों के छात्र कैसे पढ़ें। अब कोरोना कर्फ्यू खुला है लेकिन बाजार में अनेक विषय की किताब नहीं है, इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने में छात्रों की दिलचस्पी नहीं है। इसके अतिरिक्त 80 फीसदी छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़े हैं। डीआईओएस दफ्तर के अनुसार छात्र-छात्राएं अभी पुरानी किताबों से ही पढ़ रहे हैं।
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10वीं और 12वीं के विषय विशेषज्ञ हैं नियुक्त
शासन के निर्देश पर छात्रों की आनलाइन पढ़ाई की समस्याओं को दूर करने के लिए दसवीं तथा बारहवीं के विषय विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। जो रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक समस्या दूर करते हैं। आनलाइन पढ़ाई केे जिला प्रभारी व जीआईसी के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र के अनुसार पांच दिन में मुश्किल से 40-50 समस्या विभिन्न विषयों की आई है। विद्यालयों से कहा जा रहा है कि अधिक से अधिक छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ें।
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