स्मार्ट क्लास से स्मार्ट बन रहे विद्यार्थी
बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का तौर तरीका बदल रहा है। जनपद के 267 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल क्लासों का संचालन हो रहा है। बाकी स्कूलों में डिजिटल क्लास संचालित करने को कार्य चल रहा है। प्रोजेक्टर व एलईडी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में होशियार बनाना जा रहा है। साथ ही विद्यालयों में विषयों की पढ़ाई में नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का अच्छा वातावरण बने और छात्रों की संख्या में इजाफा हो।
जनपद में 1354 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, 376 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 389 कंपोजित विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें विद्यालयों में एक लाख 85 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत अधिकांश विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की गई है। विद्यालयों का सुंदरीकरण के साथ शिक्षण कार्य में तेजी से बदलाव लाया जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लगातार जोर दिया जा रहा है। जनपद के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से 67 विद्यालयों में प्रोजेक्टर लगवाए गए हैं। साथ ही विभाग की ओर से करीब 300 विद्यालयों में एलईडी और प्रोजेक्टर के माध्यम कक्षाएं संचालित हो रही है। निजी स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास में पढ़ाई कर छात्र होशियार बन रहे हैं।
14 कस्तूरबा स्कूलों में चल रही स्मार्ट क्लास
दूरदराज की बेटियों की शिक्षा के लिए जनपद में 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें विद्यालयों में भी प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। रोजाना कक्षावार छात्रों को घंटे के हिसाब से पढ़ाया जाता है। शिक्षकों का कहना है कि एलईडी या प्रोजेक्टर पर कहानी की तरह पाठ पढ़ाने पर छात्राओं की याद जल्दी आता है और उन्हें ऐसे पढ़ने में भी उत्साह रहता है।
उत्साह के साथ कर रहे पढ़ाई
एलईडी व प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। डिजिटल क्लास में पढ़ने को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह रहता है। प्रोजेक्टर पर कहानी कार्टूनों के साथ चलने पर छात्र-छात्राओं को जल्दी याद हो रहा है - विवेक बंसल, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
बढ़ रही शिक्षा की गुणवत्ता
जनपद के 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, 367 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एलईडी, प्रोजेक्टर के माध्यम से कक्षाएं संचालित हो रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ रही है और विद्यालयों में पढ़ाई का अच्छा माहौल बन रहा है - जयकरन यादव, बीएसए