नगर पंचायत कर्मियों की हड़ताल जारी, गंदगी के ढेर लगे
झालू। नगर पंचायत कर्मचारियों ने वेतन की मांग को लेकर चौथे दिन भी धरना जारी रखा। इसके चलते नगर में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। कूड़े के ढेर लगने से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। नायब तहसीलदार व कोरोना सेक्टर मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने चेयरमैन तथा अधिशासी अधिकारी से वार्ता कर हड़ताल खत्म कराने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
नगर पंचायत कार्यालय प्रांगण में चार दिन से वेतन की मांग को लेकर नगर पंचायत कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार व चेयरमैन शहजाद अहमद एक दूसरे पर आरोप लगाकर हठधर्मी बने हुए हैं। जिसके चलते उन्हेें वेतन नहीं मिल पा रहा है।
अधिशासी अधिकारी का कहना है कि उन्होंने दस जुलाई को वेतन रजिस्टर पर साइन कर दिए थे। लेकिन चेयरमैन साइन नहीं कर रहे हैं। 20 तारीख को भी दूसरा वाउचर बनाकर चेयरमैन के पास भेजा गया। लेकिन वह साइन करने को तैयार नहीं है। उनका आरोप यह भी है की 19 जुलाई रविवार को चेयरमैन नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उनके ऑफिस का ताला खुलवा कर वेतन रजिस्टर जिस पर दस जुलाई का वाउचर हस्ताक्षर सहित चस्पा था, को पेन से काट दिया।
चेयरमैन शहजाद अहमद का कहना है कि उन्होंने वेतन रजिस्टर पर साइन करने से मना नहीं किया था। बल्कि यह कहा था कि अधिशासी अधिकारी की कई मामलों में जांच चल रही है। उनका छुट्टी का वेतन काट कर सभी को वेतन दे दिया जाए। साथ ही नगर पंचायत में संविदा कर्मचारी मोहम्मद आबिद व सुशांत को रिश्वत लेने पर हटाने के बाद भी दोबारा काम पर रख लिया गया।
नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे नायब तहसीलदार व कोरोना सेक्टर मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने अधिशासी अधिकारी झालू आलोक कुमार तथा नगर पंचायत चेयरमैन शहजाद अहमद से वार्ता कर नगर पंचायत कर्मियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए रास्ता निकालने का प्रयास किया। चेयरमैन शहजाद अहमद के द्वारा वेतन रजिस्टर पर दस्तखत करने के बाद भी कर्मचारी हड़ताल की जिद पर आड़े रहे। नगर पंचायत कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वेतन का आश्वासन दिया गया है जब तक उनके हाथ में तनख्वाह नहीं आएगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। धरने पर सुनील मेहरा, विनोद, अवनीश, कुलदीप, रंजीत, नवाब, नफीस, राजकुमार, राजेश, सोनी, पूरन आदि सहित समस्त कर्मचारी मौजूद थे।