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रामलीला में श्रीराम ने किया बालि का वध

Wed, 21 Oct 2015 12:44 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर। श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित रामलीला में सोमवार की रात में श्रीराम -हनुमान मित्रता और बालि वध का मंचन किया । रामलीला का शुभारंभ डॉ. निरुपमा चौधरी, डॉ. राजीव कुमार, मुकेश जैन ,अध्यक्ष अचल अग्रवाल ने भगवान गणेश की आरती कर किया।
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माता सीता की खोज में भगवान राम वन में तलाश करते हैं। इस दौरान उनकी भेंट ब्राह्मण वेश धरे हनुमान से होती है। दोनों की मित्रता होने के बाद हनुमान श्रीराम को सुग्रीव से मिलाते हैं। श्रीराम बालि का वध कर सुग्रीव को राज्य दिलाते हैं।

कलाकारों ने जीवंत अभिनय कर श्रद्धालुओं को बांधे रखा। कथा व्यास प्रवीण शुक्ल ने कहा धर्म का स्वरूप विस्तृत है और यह जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार है। भगवान मनुष्य से सही मार्ग पर चलने की अपेक्षा करते हैं। आयोजन में संरक्षक संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, राहुल शर्मा, वरूण अग्रवाल, सुमित सिंघल आदि का सहयोग रहा।
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राजा का ताजपुर। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में हो रही रामलीला में सोमवार की रात मथुरा के कलाकारों ने राम वनवास का सुंदर मंचन किया। भरत मिलाप का दृश्य देखकर देखकर दर्शक भावुक हो गए।

श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आरजीएनपी इंटर कॉलेज में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। सोमवार की
रात में रामलीला में राम वनवास का  मंचन किया। रानी केकैई द्वारा राजा दशरथ से श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मांगने पर इसे पिता की आज्ञा मानकर भगवान श्रीराम अनुज लक्ष्मण, व पत्नी सीता के साथ वनवास को चले जाते हैं। रास्ते में नदी पार करने के लिए भगवान श्रीराम केवट से नाव से नदी पार कराने के लिए कहते हैं, तो केवट पहले श्रीराम के चरण धोते हैं और फिर उन्हें अपनी नाव में बैठाकर नदी पार कराते हैं।

उधर सुमंत के साथ भगवान राम जब वापस नही लौटते तो उनके बिरह में राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं। पिता की मौत का समाचार सुनकर भरत, शत्रुघन ननिहाल से लौटते हैं और अपनी माता केकैई को बुरा भला कहते हैं और श्रीराम को वन से लेने के लिए चले जाते हैं। इस दौरान राम भरत मिलन का सुंदर मंचन देखकर दर्शक भावुक हो गए।

पंकज मिश्रा, लक्ष्मण संजीव रस्तौगी, बालिस्टर मौर्य, महेश पाल सिंह, राजेश कुमार, जयपाल सिंह आदि कलाकारों ने क्रमश: श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, केवट, भरत, सुमंत आदि के किरदारों को बखूबी निभाया।

नांगलसोती। सौफतपुर में रामलीला के मंचन में मुस्लिमों की भागीदारी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बनी है। गांव सौफतपुर में लगभग पांच दशक से नवरात्र पर रामलीला का मंचन किया जाता है। रामलीला में हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम भी भागीदारी करते हैं।

लियाकत हुसैन, नजाकत हुसैन, जाकिर, खलील अहमद, हबीब आदि रामलीला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की मेहमान नवाजी की जिम्मेदारी निभाते हैं। प्रधान नौबीर सिंह, पूर्व प्रधान सुरेशपाल, रघुवीर सिंह आदि भी रमजान और मुस्लिमों के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। सोमवार रात में पीड़ित अब्दुल शकूर की मृत्यु होने पर रामलीला का मंचन बंद रहा।

धामपुर। श्रीराम लीला समिति दुर्गा विहार ने प्रोजेक्टर पर श्रीराम लीला का प्रसारण कराया। उद्घाटन जिलाध्यक्ष क्षत्रिय राजपूत सभा कुंवर राज्यवर्धन सिंह आलोक ने किया। प्रसारण पर श्री राम जन्म की लीलाओं का प्रसारण किया गया। पुनीत शर्मा, विनीत सिसौदिया, मनीष, सुरेश सिंह, रघुराज सिंह रहे। उधर गांव जैतरा में चल रही रामलीला में बाली वध का मंचन हुआ।

सुग्रीव राम की मित्रता के मंचन को देख दर्शक भावविभोर हो गए। गांव गजुपूरा में रामलीला में सीता के हरण का प्रसारण हुआ। शुभारंभ सोहित चौधरी, विकास राज, तिलक राम, विनीत , विशाल राज, आदित्य प्रकाश रहे।
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