कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ के वनों में बावरिया गैंग को लेकर विशेष गश्त अभियान शुरू कर दिया गया है जो 10 मई तक चलेगा। अपराधियों की धरपकड़ को 12 टीमें बनी है। बावरिया गैंग के लिए वन्य जीवों के शिकार को चांदनी रात को अधिक संवेदनशील माना जाता है।
कोरोना के चलते वनों में अपराधियों, शिकारियों, बावरिया आदि को लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने विशेष गश्त अभियान शुरू किया है। कालागढ़ के उपप्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती ने बताया कि सभी रेंज अधिकारियों को गश्ती दलों के साथ गश्त करने के निर्देश है। कालागढ़ में 12 टीमों का गठन किया गया है। कार्बेट वनों में चांदनी रात में अपराध की अधिक संभावना होती है। बावरिया गिरोह के सदस्य बाघ का शिकार चांदनी रात में करना अधिक पसंद करते है। रात में कालागढ़, सूखास्रोत, जंगल के भीतरी इलाके, नदियों, नालों पर विशेष निगरानी की जा रही है। वनों में बाघ से सुरक्षा के लिए हाथी से गश्त की जा रही है। कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट ने बताया कि बिजनौर की सीमा पर बनी दीवार सबसे अधिक संवेदनशील है।