बिजनौर में एसपी अजय साहनी ने विवेचना की केस डायरी कोर्ट में दाखिल न करके लंबे समय से अपने घर में रखने के मामले में दो दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया है। एक दरोगा, हेड मोहर्रिर व सीओ के पेशकार के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। एसपी की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मंगलवार को पुलिस लाइन में क्राइम मीटिंग में अपराधों की विवेचना की समीक्षा के दौरान एसपी ने पाया कि नजीबाबाद थाने में तैनात दरोगा विकास यादव व मंडावली थाने में तैनात दरोगा रविंद्र भाटी ने कई केस की विवेचना करके केस डायरी कोर्ट में दाखिल नहीं की है। लंबे समय से केस डायरी अपने घरों पर रखरखी है। इनके अलावा भी दोनों दरोगाओं पर कई मामले लंबित पाए गए। एसपी ने मामले में दोनों दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने इस मामले में सीओ नजीबाबाद के पेशकार रविंद्र सिंह, नजीबाबाद कोतवाली में तैनात दरोगा देवेंद्र सिंह धामा व हेड मोहर्रिर रमेश चंद्र शर्मा के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए है। एसपी ने कहा कि किसी भी केस की विवेचना में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगा, वह थाना बार विवेचनाओं की समीक्षा करेंगे। जहां कई लापरवाही मिलेगी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विवेचना में कोताही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी।