कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति मांगी
बिजनौर। कोचिंग सेंटर संचालकों ने आर्थिक तंगी व विद्यार्थियों को पढ़ाई में हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति देने की मांग की है। इस संबंध में डीआईओएस राजेश कुमार को ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में कोचिंग सेंटर संचालकों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से कोचिंग सेंटर बंद है। सेंटर संचालकों व अध्यापकों को इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की भी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। जिले में कोरोना केस न मिलने पर प्रदेश सरकार ने 90 प्रतिशत प्रतिष्ठानाें को खोल दिया है, इसलिए अब कोचिंग सेंटर चलाने की भी अनुमति मिलनी चाहिए। बताया कि प्रदेश सरकार ने पेट परीक्षा 20 अगस्त को रखी है। परीक्षा में करीब डेढ़ महीना ही बचा है और अभिभावक व विद्यार्थी उन पर कक्षाएं चलाने का दबाव बना रहे हैं।
कोचिंग सेंटर में 18 साल से अधिक आयु के बच्चे आते हैं जो आसानी से कोरोना से बचाव को गाइडलाइन का पालन कर सकते हैं। बताया कि सेंटर चलाने से पहले वे हर छात्र के अभिभावक से सहमति पत्र लेंगे, 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही विद्यार्थियों को बैठाएंगे, मास्क, सैनिटाइजर और पानी की बोतल को अनिवार्य करेंगे, कक्षाओं को हर दिन सैनिटाइज करेंगे और हर दिन विद्यार्थियों का तापमान लेकर रजिस्टर में अंकित किया जाएगा। इस दौरान भूपेंद्र कुमार, विकास चौधरी, पंकज, हिमांशु चौधरी, योगेंद्र चौधरी, कोमल आर्य, अंकित, विरेंद्र कुमार, विवेक कुमार, विपिन कुमार, रूपेश चौधरी, संदीप सैनी, सौरभ कुमार आदि मौजूद रहे।