बिजनौर में बीएसए के निर्देश पर मंगलवार को जिले के स्कूलों में सफाई अभियान चलाया गया। न्याय पंचायत स्तर पर संकुल प्रभारियों ने स्कूलों में साफ-सफाई पर नजर रखी। कई स्कूलों में सुबह ही सफाई कर्मचारी पहुंच गए पर कई स्कूलों में सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचे। शिक्षकों को सफाई कराने में भारी परेशानी का सामना करना पडा।
बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व शिक्षकों को 25 जून को स्कूल की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को जिलेभर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक खुले और स्कूलों में शिक्षकों की देखरेख में साफ सफाई कराई गई। कई स्कूलों में पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मचारियों ने पहुंच कर स्कूलों की सफाई की लेकिन काफी स्कूल ऐसे भी रहे, जिनमें शिक्षक सफाई कर्मचारियों का इंतजार ही करते रहे। सफाई कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पडा। ब्लॉक स्तर पर सोमवार को ही खंड शिक्षा अधिकारियों ने संकुल प्रभारियों को सफाई अभियान पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। धर्मनगरी में शिक्षक तारिक अलीम की देखरेख में सफाई कर्मचारी जुटे रहे। झकड़ी बंगर, जूनियर हाई स्कूल नवलपुर में सफाई कर्मचारियों के साथ शिक्षिकाओं ने भी स्वच्छता अभियान में हाथ बटाया। शिक्षिका अनिता पाल की देखेरख में स्कूल की सफाई की गई। झकड़ी बंगर के स्कूल के बरांडे में काफी संख्या में ईटों के टूटे टुकडे़ मिले। संकुल प्रभारी ताजवीर सिंह ने कई स्कूलों में पहुंच कर सफाई अभियान को देखा।
स्थाई सफाई कर्मचारी नहीं होना बना है परेशानी का सबबप्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कराने में आए दिन शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पडता है। जिले में करीब 2500 स्कूल हैं पर इनमें संविदा पर मात्र 450 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की माने तो स्कूलों की सफाई के लिए गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ये कर्मचारी समय पर स्कूलों में नहीं पहुंचते। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला मंत्री दुष्यंत कुमार ने स्कूलों में स्थाई रूप से सफाई कर्मचारियों की तैनाती करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि स्कूलों में सफाई कर्मचारी नहीं होने से परेशानी होती है। नींदडू़ में शासन के निर्देशानुसार स्वच्छता अभियान के तहत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई की गई, ताकि पहली जुलाई से विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू कराया जा सके। मंगलवार को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बावजूद शासन के निर्देश के मुताबिक नींदडू़ खास के प्राथमिक विद्यालय प्रथम व प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, बाजीदपुर-बीरू के प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के प्राथमिक विद्यालय में प्रमोद कुमार, गीता रानी, विरेंद्र सिंह (एनपीआरसी), इंद्रपाल सिंह तथा अनिता देवी प्रधान अध्यापकों की देखरेख में गांवों में नियुक्त सफाई कर्मचारियों द्वारा सफाई कार्य किया गया। सफाई के बाद कूड़े-कचरे को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर आबादी से दूर फेंका गया। नूरपुर में 25 जून को अधिकांश प्राथमिक व जूनियर स्कूलों को प्रधानाध्यापकों ने साफ-सफाई कराई, जबकि सहायक अध्यापक नदारद रहे। बीईओ डीएल राणा ने बताया कि 25 जून से सभी अध्यापकों को स्कूल में रहने के आदेश दिए गए हैं। स्कूल न आने वाले अध्यापकों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। नगीना में प्रदेश सरकार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी देशराज वत्स की देखरेख में कोतवाली ब्लॉक के समस्त 229 प्राइमरी स्कूलों तथा 93 जूनियर हाई स्कूलों में साफ सफाई कराई गई। चंदक क्षेत्र के स्कूलों में भी सफाई हुई।
परिषदीय विद्यालय में साफ-सफाई के साथ नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ
नजीबाबाद। परिषदीय विद्यालय में साफ-सफाई के साथ नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ हुआ। शिक्षकों ने अभिभावकों के घर जाकर विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। तो वहीं कुछ परिषदीय स्कूल देर से खुलने पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई।
शासन के निर्देश पर ग्रीष्म अवकाश पूरा होने से पहले शिक्षा के मंदिरों में साफ-सफाई अभियान चलाया गया। मुख्य अध्यापक व शिक्षकों की देेखरेख में परिषदीय स्कूलों में साफ-सफाई, ब्लैक बोर्ड व्यवस्था, शौचालय व रसोईघर व्यवस्था का जायजा लिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुसैनपुर के मुख्य अध्यापक आबिद कुरैशी के निर्देशन में स्कूल परिसर की सफाई कराकर अभिभावकों से संपर्क किया। गांव असदुल्लापुर, औरंगाबाद, जलालाबाद प्रथम व द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में साफ-सफाई कराई गई। नांगलसोती क्षेत्र के नांगलसोती, हरचंदपुर, शहजादपुर, चमरौला, सराय आलम, जालपुर कामराजपुर के परिषदीय विद्यालय में सफाई कराई गई। मंडावली क्षेत्र में मीरमपुर बेगा, नयागांव मिर्जापुर सैद, करौली, मुस्सेपुर व राहतपुर खुर्द के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की गंदगी में भी सफाई कराई गई और परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों ने अभिभावकों से संपर्क कर विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। उधर रामपुर चाठा में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों के न पहुंचने से सफाई व्यवस्था ठप रही। विद्यालय में साफ-सफाई न होने से अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त की।