सीएमओ कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग की दरकिनार
बिजनौर। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मचारी आदि पदों पर इंटरव्यू के लिए आए अभ्यर्थियों ने नौकरी पाने की चाहत में सोशल डिस्टेंस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अफसर और पुलिस भी तमाशबीन बने रहे। किसी ने भी इन्हें रोका टोका नहीं। पंक्ति में लगे इन अभ्यर्थियों ने नौकरी पाने के लिए न तो अपनी जान की ही फिक्र की और न हीं दूसरों की जिंदगी की परवाह। नियुक्तियां मात्र दो माह के लिए ही की जानी हैं।
पंचायती राज एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बिजनौर में संचालित कोविड केयर सेंटर हेतु संविदा चिकित्साधिकारी, एनेस्थेटिक, चिकित्साधिकारी, एमबीबीएस, फिजीशियन, चेस्ट फिजीशियन, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, वेंटिलेटर टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय एवं स्वीपर आदि पदों पर भर्ती की जानी हैं। मंगलवार को इंटरव्यू देने के लिए हजारों अभ्यर्थी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में पहुंचे और पंक्ति में लगकर बारी बारी से इंटरव्यू दिया।
इस दौरान अभ्यर्थियों में कोरोना महामारी का खौफ नजर नहीं आया। लाइन में लगे अभ्यर्थी बिल्कुल पास एक दूसरे को छूते हुए खड़े रहे। सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह अनदेखी की गई। जबकि वहां पर अधिकारी और पुलिसकर्मी भी व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद रहे। लेकिन किसी ने भी अभ्यर्थियों को सोशल डिस्टेंसिंग की सीख नहीं दी। चिलचिलाती धूप बेरोजगारी के कारण अभ्यर्थी कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना भी भूल गए। एक ओर तो जिला प्रशासन लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्था बनाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के नाम पर सरकारी मिशनरी फ्लॉप रही।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव के अनुसार यह नियुक्ति दो माह तक एवं राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों तक के लिए ही की जानी है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में इतनी भीड़ आने की उम्मीद नहीं थी। व्यवस्था बनाने के लिए जिला प्रशासन से पुलिसकर्मियों की व्यवस्था कराने की मांग की गई थी।
साक्षात्कार लेने वालों में सीडीओ कामता प्रसाद सिंह, सीएमओ विजय कुमार यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी आरसीएच प्रमोद कुमार गुप्ता आदि अधिकारी शामिल रहे।