सोमवार की रात गांव मोहनपुर में मौज्जमपुर नारायण-गजरौला रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा
मंगलवार की सुबह पहुंची पुलिस टीम ने गोवंश के अवशेष को ट्रैक के पास ही दफनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्दौर/बिजनौर। गांव मोहनपुर सिद्धपीठ मंदिर के समीप मौज्जमपुर नारायण-गजरौला रेलवे ट्रैक पर बैठे छह निराश्रित गोवंश सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार की रात हुए इस हादसे के बाद ट्रेन कुछ देर रुकी रही। मंगलवार की सुबह पहुंची पुलिस ने जेसीबी से गड्ढे खोदवा कर मृत निराश्रित पशुओं के अवशेषों को दबवाया।
निराश्रित गोवंश को आसरा देने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे है, मगर सफलता नहीं मिल रही है। गोवंश अब खेत और सड़क पर ही नहीं रेल ट्रैक तक भी पहुंच गए है। सोमवार की रात अम्हेड़ा और सिसौना हॉल्ट के बीच गांव मोहनपुर में रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए छह गोवंश की सद्भावना एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई।
पायलट ने किसी तरह ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। इसके बाद मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी और गंतव्य की ओर रवाना हो गया। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह और अम्हेड़ा चौकी प्रभारी ब्रजकिशोर शर्मा ने जेसीबी बुलाकर रेलवे ट्रैक के बराबर में गड्ढे खोदवाए और मृत निराश्रित पशुओं के अवशेषों को दबवाया।
गांव से लेकर शहर तक सड़कों पर घूम रहे पशु
किसान लगातार उठा रहे निराश्रित पशुओं का मुद्दा
प्रशासन के प्रयास भी साबित हो रहे नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। निराश्रित पशु खेतों में घुसकर फसल चौपट करते हैं, यह मुद्दा किसान लगातार उठा चुके हैं। गोवंश खेतों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि सड़कों पर भी घूमते हुए देखा जा सकता है। हल्दौर से कुम्हारपुरा मार्ग, पानीपत-खटीमा मार्ग व आसपास देहात क्षेत्र में निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
पालिका प्रशासन नगर में सड़क और किनारे पर बैठे पशुओं को पकड़ने के लिए गंभीर नहीं है। लोगों में आक्रोश व्याप्त है। सुरेंद्र ठेकेदार, विश्वजीत चौहान, राजपाल सिंह, डॉक्टर महिपाल, दीपक चौहान, ललित चौहान, राजेंद्र चौहान, मनोज प्रजापति आदि लोगों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने का निर्णय लिया है।
पालिका अधिशासी अभियंता सीमा वर्मा का कहना है उन्होंने निराश्रित पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भिजवाया गया है। कहा कि देहात क्षेत्र से कुछ किसानों द्वारा पशुओं को छोड़ दिया जाता है, जिससे पशु नगर में आ जाते है। टीम को भेजकर सड़कों और नगर में घूम रहे निराश्रित पशुओं को पकड़वाने की बात कही।
जिले में गोशालाओं की स्थिति
गोशाला पशु
38 अस्थाई ग्रामीण गोशाला- 5933
13 कान्हा गोशाला 1967
पांच कांजी हाउस 160
तीन वृद्धि गोशाला 1890
सहभागिता अभियान के तहत दिए गए पशु 1204