धामपुर में विभाग की घोर उपेक्षा के कारण बदहाल पड़ी कडूला नदी। मांग के बावजूद विभाग ने नहीं की
धामपुर। क्षेत्र के किसानों को वर्षाकाल शुरू होने से पहले ही बाढ़ की चिंता सताने लगी है। कडूला नदी में पिछले कई सालों से बाढ़ की स्थिति पैदा होने से हजारों हेक्टेयर खेती की जमीन को नदी अपने साथ बहा कर ले जाती है। मगर सिंचाई विभाग के अफसरों पर कोई असर नहीं हो रहा है।
भाकियू के जिला प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, भूपेंद्र सिंह, कृपाल सिंह, विशाल चौधरी, महेंद्र पाल सिंह, महावीर सिंह, करण सिंह, दौलत सिंह, मुनेश शर्मा, अरविंद कुमार चौहान आदि कई गांवों के किसानों का कहना है कि नहटौर के पास गांगन नदी से कडूला नदी निकलती है। यह नदी कई गांवों के जंगलों से होती हुई राजा का ताजपुर के पास पोषक नदी में जाकर गिरती है। नदी की लंबाई करीब 70 किलोमीटर से अधिक है। बरसात के दिनों में नदी में अधिक पानी आने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
पानी की तेज धार के कारण किसानों की लगानशुदा जमीन को नदी कटान कर अपने साथ बहा कर ले जाती है। फसलों की बर्बाद होती है। हर साल सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नदी की सिल्ट सफाई कर उसे राजस्व अभिलेखों के अनुरूप तैयार किए जाने की मांग की जाती है। लेकिन भरोसा देने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई भी सुनवाई नहीं होती है। बताया कि अभी भी इस साल सिंचाई विभाग की तरफ से बाढ़ से निपटने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया गया है।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार शर्मा का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह अधिकारियों से वार्ता करने के बाद समस्या का जल समाधान करने का प्रयास करेंगे।