खतरा-बिजनौर में मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर पानी कम होने के बाद टूटी सड़क। संवाद
बिजनौर। मेरठ-पौड़़ी नेशनल हाईवे पर बिजनौर और बैराज के बीच मालन नदी का पानी अब बहुत कम हो गया है, लेकिन रास्ते में गहरे गड्ढे बन गए हैं। तीसरे दिन भी इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। चांदपुर से मेरठ वाया हस्तिनापुर हाईवे का भी यही हाल है। ऐसे में बिजनौर और उत्तराखंड के गढ़वाल से मेरठ या दिल्ली दूर हो गया है।
शनिवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी सड़क पर पानी कम कराने की जदद्दोजहद में जुटा रहा। इसके लिए नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने अपने ठेकेदारों की मदद से खुद ही मालन के तटबंध की मरम्मत चालू कर दी। बता दें कि ग्राम खानजहांपुर बहादर और यूसुफपुर हमीद उर्फ हमीदपुर के बीच मालन नदी का तटबंध टूट गया था।
तटबंध टूटा तो मालन की बाढ़ का पानी पहले बिजनौर रावली मार्ग पर पहुंचा, इसके बाद बिजनौर बैराज मार्ग पर बहने लगा। करीब एक किलोमीटर पर हाईवे पर कई कई फीट पानी बह रहा था। जिसके चलते बृहस्पतिवार को मेरठ पौड़ी हाईवे को बंद करा दिया गया था। यह हाईवे बंद हुआ तो वाहनों को वाया गजरौला होते हुए मेरठ या दिल्ली की तरफ भेजा जाने लगा।
उधर, चांदपुर से हस्तिनापुर मार्ग भी कई दिनों से बंद है। हालांकि पानीपत खटीमा हाईवे यानि बिजनौर कोतवाली मार्ग पर शनिवार को यातायात चालू हो गया। हालांकि शनिवार की शाम तक मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर अधिकांश जगहों पर पानी नहीं दिखाई। जिस जगह पर पानी कम हुआ है, उधर जगह भी सड़क टूट चुकी है।
n तटबंध बचाने के लिए नहीं मिल रही मिट्टी : बेगावाला। तटबंध को ठीक किया जा रहा है। हालांकि तटबंध की मरम्मत के लिए मिट्टी नहीं मिल रही है। क्योंकि सभी जगह पानी भरा हुआ है। उधर, गांव खानजहांपुर बहादर और बाकरपुर गढ़ी के ग्रामीणों का आरोप है कि वह अपने खेत देखने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। पुलिस पर गाली-गलौज करने का भी आरोप है। ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध को ठीक करने के लिए मिट्टी इसी तटबंध के किनारे से उठाई जा रही है।
खतरा-बिजनौर में मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर पानी कम होने के बाद टूटी सड़क। संवाद