बिजनौर। अंडरपास के निर्माण में किस स्तर पर खामियां रहीं, इसकी तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। मगर शटरिंग से लेकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे है। प्राथमिक जांच में शटरिंग का फेल होना सामने आ रहा है, जोकि 350 टन का वजन नहीं झेल सकी।
मेरठ से नजीबाबाद तक हाईवे को फोरलेन किया जा रहा है। पहले चरण में मेरठ से बहसूमा और बिजनौर से नजीबाबाद तक हाईवे को फोरलेन में तब्दील कर लिया गया था। अब दूसरे चरण में बहसूमा से लेकर बिजनौर और बिजनौर बाईपास का निर्माण चल रहा है।
दूसरे चरण के निर्माण में 1180 करोड़ रुपये की लागत आनी है। बिजनौर बाईपास बैराज रोड पर माउंट लिट्रा स्कूल के पास से शुरू होकर नजीबाबाद मार्ग पर पेदा के पास जाकर निकलेगा।
जिस जगह से यह बाईपास शुरू हुआ है, उस जगह बिजनौर शहर को रास्ता देने के लिए अंडरपास बनाया जा रहा है। इस अंडर पर रविवार की रात स्लैब डाला गया।
जोकि सोमवार की सुबह 6:30 बजे भरभराकर गिर पड़ा। इस मामले में बिजनौर प्रशासन ने एनएचएआई से इतर अपने स्तर से जांच लोक निर्माण विभाग को सौंप दी। लोनिवि की ओर से निर्माण सामग्री की जांच के लिए नमूना लेकर लैब में भेजा गया है। संवाद