चांदपुर(बिजनौर)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2021 की अंक तालिका घोषित कर दी है। इसमें चांदपुर क्षेत्र के गांव बास्टा निवासी टॉपर श्रुति शर्मा ने 54 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं।
चांदपुर क्षेत्र के गांव बास्टा निवासी इंजीनियर सुनील दत्त शर्मा की 25 वर्षीय पुत्री श्रुति शर्मा ने 2021 सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया है। उन्हें कुल 2025 अंकों में से 1105 अंक मिले हैं। श्रुति ने लिखित परीक्षा में 932 अंक तथा साक्षात्कार परीक्षा में 173 अंक प्राप्त किए हैं। श्रुति के ताऊ डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि श्रुति ने हाईस्कूल सीबीएसई से दिल्ली में पांचवीं रैंक पाई थी। इंटर में दिल्ली में प्रथम रैंक हासिल की थी। संत स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इतिहास विषय से स्नातक में टॉप किया था। स्नातक करते समय श्रुति ने सिविल सेवा सर्विस के लिए जामिया से कोचिंग ली थी। पहली बार में असफल होने के बाद घर पर ही सिविल सेवा की तैयारी की थी। श्रुति की बचपन से ही आईएएस बनने की इच्छा थी। श्रुति को पढ़ाई के साथ कविता लिखने का भी शौक है।
- बधाई देने वालों का लगा तांता
श्रुति के यूपीएससी में टॉपर करने के बाद उनके दिल्ली स्थित मकान पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। श्रुति से साक्षात्कार करने के लिए न्यूज चैनल व यूट्यूब चैनलों वालों की भीड़ लगी है। रिश्तेदार, मिलने वाले घर आकर श्रुति व परिवार को बधाई दे रहे हैं। श्रुति के ताऊ व ताई भी बधाई देने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं।
- अपने पैतृक गांव जनपद के प्रति विशेष लगाव
श्रुति को अपने पैतृक गांव बास्टा व जनपद बिजनौर से विशेष लगाव रहता है। पिता द्वारा बास्टा में संचालित बाल ज्ञान निकेतन इंटर कॉलेज में आकर एक एक सप्ताह बच्चों का मार्गदर्शन करती है। छात्रों को पढ़ाई के गुर सिखाए हैं।
श्रुति शर्मा से फोन पर हुई बातचीत
- परीक्षा परिणाम देखकर कैसा लगा
जवाब - परीक्षा परिणाम देखने के बाद देश में प्रथम स्थान आने पर अपार खुशी हुई। इसके लिए ईश्वर व परिवार का शुक्रिया किया।
- कब उत्पन्न हुई आईएएस बनने की इच्छा
जवाब - प्रारंभिक पढ़ाई से ही आईएएस बनने की इच्छा थी।
- पढ़ाई में कोचिंग का सहारा लिया या नहीं
जवाब - संत स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इतिहास विषस से स्नातक में टॉप किया था। स्नातक करते समय ही सिविल सेवा सर्विस के लिए पहली बार जामिया से कोचिंग ली थी।
- कितनी बार में मिली सफलता
जवाब - पहली बार में असफल रही और दूसरी बार में कामयाबी प्रथम स्थान के साथ पाई।
- परिवार से सहयोग मिला
जवाब - पढ़ाई और तैयारी में हमेशा परिवार का सहयोग रहा। माता-पिता ने हौसला बढ़ाया है।
- किस तरह करती थी आप पढ़ाई
जवाब - पढ़ाई में उन्होंने घंटों की गणना नहीं की। जब पढ़ाई को बैठ जाती थी, तो पढ़ती रहती थी।
- जूनियर के लिए क्या संदेश
जवाब - लक्ष्य निर्धारण कर हौसले के साथ मन से पढ़ाई करें सफलता निश्चित ही मिलेगी