खांडसारी इकाई पर गन्ना डालने में दिखा रहे दिलचस्पी
बिजनौर। जिले की खांडसारी इकाइयों ने जनवरी तक दो चीनी मिलों से अधिक गन्ने की पेराई कर ली है। इस दौरान खांडसारी इकाइयों ने करीब पौने पांच लाख क्विंटल गुड़ तैयार किया है। जिले के बिजनौर परिक्षेत्र में 53 तथा धामपुर परिक्षेत्र में 17 खांडसारी इकाई गन्ना पेर रही है। खांडसारी इकाइयों ने नवंबर में पेराई शुरू की थी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार 31 जनवरी तक बिजनौर परिक्षेत्र में 32 लाख 19 हजार क्विंटल तथा धामपुर परिक्षेत्र में 14 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इस प्रकार जिले का कुल 46 हजार 19 हजार क्विंटल गन्ना की पेराई हो गई है। बताया कि बिजनौर परिक्षेत्र में तीन लाख 14 हजार क्विंटल तथा धामपुर परिक्षेत्र में एक लाख 60 हजार क्विंटल गुड़ बना है। मौर्य के मुताबिक बिजनौर चीनी मिल ने 17 लाख 80 हजार क्विंटल और चांदपुर चीनी मिल ने 28 लाख 30 हजार क्विंटल गन्ना पेरा है। दोनों चीनी मिल ने कुल 46 लाख 10 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की है। बताया कि खुले बाजार में गुड़ के रेट अच्छे हैं। किसानों को गन्ने का नकद भुगतान हो रहा है। किसान गन्ना खांडसारी इकाई पर डालने में दिलचस्पी दिखा रहा है।
गन्ना पेराई का आंकड़ा बढ़ सकता है
सहायक चीनी आयुक्त ने बताया कि पिछले साल जिले की खांडसारी इकाइयों ने बिजनौर व चांदपुर चीनी मिलों द्वारा पेरे गए कुल गन्ने से अधिक गन्ने की पेराई की थी। चालू सीजन में पेराई का आंकड़ा बढ़ सकता है। विभाग किसानों के हित को देखते हुए घटतौली पर निगाह रखे हैं।
जिले में हो रहा जैविक गुड़ का उत्पादन
सहायक चीनी आयुक्त ने बताया कि जिले के गुड़ की गुजरात, राजस्थान ,बंगाल आदि राज्य में अच्छी डिमांड है। अब तो जिले के कुछ किसान जैविक गुड़ तैयार कर रहे हैं। जैविक गुड़ पैकिंग में बिक रहा है। जो किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है।