बिजनौर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रभारी पश्चिम उत्तर प्रदेश सुचित मलिक ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शीतकालीन अवकाश का उन्हें मानदेय नहीं दिया जाएगा।
इस कारण बिजनौर समेत प्रदेशभर में करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र एक जनवरी से आगामी 15 दिनों के लिए बेरोजगार हो जाएंगे। समान कार्य करने के बाद समान वेतन नहीं दिया जा रहा। शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में कार्यरत अन्य शिक्षकों की ही भांति शासन/प्रशासन शिक्षामित्रों वेतन, सम्मान दिया जाए।
संगठन के जिलाध्यक्ष अजयपाल सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों को शिक्षक की भांति वेतन, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सीय अवकाश व बाल्यकाल देखभाल अवकाश मिलना चाहिए।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष श्रवण कुमार का कहना है कि शिक्षामित्रों के सामने संकट, कैसे हो परिवार का लालन-पालन करें।
जिला महामंत्री अनुज राणा एवं आलोक शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के साथ अन्याय कर रही है।
ब्लाक अध्यक्ष पकंज राजपूत एवं अरविंद नरवाल ने कहा कि शिक्षामित्रों को जनवरी माह के शीतकालीन अवकाश का 15 दिन मानदेय न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। संजू राणा ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले सात साल अपना मान-सम्मान खोने के साथ कम मानदेय में काम चला रहे हैं।