लागू नहीं हो सका शिफ्ट सिस्टम
धामपुर। नहीं लगता कि इस बार चीनी मिल की ओर से प्रयास के बाद भी शिफ्ट सिस्टम लागू हो पाएगा। धामपुर चीनी मिल के अधिकारियों का कहना है कि तौल संबंधी समस्या का निदान कराने को शिफ्ट सिस्टम लागू करने का प्रयास था, लेकिन पर्चियों पर समय अंकित करने सहित अन्य सहयोग गन्ना विभाग की तरफ से नहीं मिल सका।
धामपुर चीनी मिल के गन्ना जीएम आजाद सिंह ने बताया कि धामपुर चीनी मिल में करीब 80 हजार से ज्यादा किसानों द्वारा गन्ने की आपूर्ति की जाती है। इनमें से करीब 26 हजार किसान अपने वाहनों से सीधे चीनी मिल गेट पर गन्ने की आपूर्ति करते है। इस कारण गन्ने से लदे वाहनों की अधिकता से शहर में जाम लग जाता है। जाम की स्थिति से निपटने के लिए इस बार शिफ्ट सिस्टम लागू करने का प्रयास किया जा रहा था। कई महीने से किसानों के बीच में जाकर सिस्टम के बारे में अवगत करा रहे थे। पर गन्ना विभाग की ओर से सहयोग नहीं मिला। जबकि मुरादाबाद जिले की चीनी मिलों में वहां के गन्ना विभाग की ओर से सहयोग मिलने से शिफ्ट सिस्टम पिछले साल से लागू है। जीएम ने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी व डिप्टी केन कमिश्नर से संपर्क कर इसे लागू कराने का प्रस्ताव रखेंगे। जिससे गन्ना समिति की ओर से प्रिंट होने वाली गन्ना पर्चियों पर ही मिल गेट को सप्लाई करने वाले किसानों की पर्चियों पर शिफ्ट सिस्टम के तहत टाइम को अंकित कर दें। ऐसा किए जाने से गन्ना समिति , चीनी मिल और किसानो को लाभ मिलेगा।
बगैर परमिशन के कुछ नहीं होगा : मनोज
सहकारी गन्ना किसान समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार कोंट का कहना है कि उनके पास गन्ना विभाग की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं है। जिससे वह सिस्टम के तहत पर्चियों पर टाइम अंकित कर प्रिंट करें। इसके लिए चीनी मिल को गन्ना विभाग के अधिकारियों से परमिशन लेनी होगी। बगैर परमिशन के कुछ नहीं होगा। समिति वह काम करेगी। जो किसानों के हित में होगा।