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बिहार के मजदूरों को घर भेजा लेकिन साइकिलें की जमा

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धामपुर के सहसपुर नगर पंचायत में खड़ी बिहार के कामगारों की साइकिलें। - फोटो : DHAMPUR
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बिहार के मजदूरों को घर भेजा लेकिन साइकिलें की जमा
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धामपुर। धामपुर में बिहार प्रदेश के करीब 102 क्वारंटीन कामगार मजदूरों को उनका परीक्षण कराने के बाद प्रशासन ने सोमवार को सरकार के आदेश पर रोडवेज की बसों से उनके प्रदेश जाने के लिए रामपुर भेज दिया है। रामपुर से सरकार ने इन सभी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बिहार के लिए मंगलवार को रवाना कर दिया गया है। लेकिन मजदूरों की साइकिलों को पुलिस ने सहसपुर बार्डर पर कब्जे में लेकर नगर पंचायत की सुपुर्दगी में दे दिया। तहसीलदार रमेशचंद्र सिंह चौहान ने मजदूरों से पूछा कि उनका यहां पर कोई सामान तो नहीं छूटा है। तो मजदूरों ने उनकी साइकिलें वापस दिलवाने की मांग की। मजदूरों का कहना है कि वह हरियाणा के यमुनानगर में एक कंपनी में नौकरी करते थे। कंपनी मालिक ने सभी श्रमिकों के फोनों को लेकर उनके नंबरों को डिलीट कर दिया और कह दिया वह अब यहां से चले जाए। तब उन्होंने पांच पांच हजार रुपये की एक एक साइकिल खरीदी। वह साइकिल से यमुनानगर से घर के लिए चल दिए। मगर जब वह बिजनौर जिले के स्योहारा थाने की सहसपुर चौकी क्षेत्र में सील बार्डर के पास पहुंचे तो वहां पर पुलिस ने रोक लिया और धामपुर के विनायक मंडप में लाकर क्वारंटीन कर दिया। तहसीलदार का कहना है कि उनके स्तर से स्योहारा थाने के एसओ को साइकिलों को रिकार्ड में दर्ज कर सुरक्षित करने के निर्देश दिए है।
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साइकिलों को हॉल में कराया जमा
एसओ उदय प्रताप सिंह का कहना है कि मजदूरों की साइकिलों को सहसपुर नगर पंचायत परिसर में जमा करा दिया है। जबकि पंचायत के वरिष्ठ लिपिक सलमान अली व ईओ धर्मदेव सिंह का कहना है कि साइकिलों को मीटिंग हाल में रखवा कर नंबरिंग करा दिया गया है। जिससे कोई साइकिल गायब न हो।
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