बिजनौर। सेंक्चुअरि में मिट्टी उठाने और पेड़ काटने को लेकर हुए एनएचएआई और वन विभाग के विवाद मे अब वन विभाग के बड़े अफसर भी कूद गए हैं। बृहस्पतिवार को वन संरक्षक मुरादाबाद ने कमिश्नर और शासन को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत करा दिया। वहीं एसडीओ और डीएफओ ने एसपी बिजनौर से मिलकर वन अफसरों पर दर्ज हुए एक तरफा प्राथमिकी पर आपत्ति जताई।
मंगलवार को बिजनौर बैराज के पास हाईवे का काम चल रहा था, पुरानी सड़क की मिट्टी को उठाकर दूसरी जगह पर डाला जा रहा था। इसे लेकर वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह टीम के साथ पहुंचे थे। वन विभाग की ओर से अवैध रूप से पेड़ काटने का आरोप लगाया गया, वहीं एनएचएआई के इंजीनियर और कर्मचारी नियमानुसार काम करने का दावा कर रहे थे। इसी विवाद में दोनों पक्षों मे मारपीट हो गई थी।
वन विभाग ने कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अनूप और एनएचएआई के एसडीओ आशीष शर्मा के खिलाफ वन अपराध का केस दर्ज कर लिया था। इसमें अनूप को सीजेएम कोर्ट से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उधर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर की तहरीर पर एसडीओ ज्ञान सिंह समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर ली।
बृहस्पतिवार को इस मामले में वन संरक्षक मुरादाबाद रमेशचंद ने भी अपने अधिकारियों का पक्ष रखते हुए कमिश्नर और लखनऊ विभाग मुख्यालय को पत्र लिखा है। वहीं डीएफओ जय सिंह कुशवाह और एसडीओ ज्ञान सिंह ने एसपी बिजनौर से मिलकर दर्ज प्राथमिकी पर आपत्ति जताई।