फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई में आएगी एकरूपता

विज्ञापन
डा.चारु अग्रवाल। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई में आएगी एकरूपता
विज्ञापन

बिजनौर। नई शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने पर जोर है। इसके लिए सेमेस्टर परीक्षा की व्यवस्था की गई है। नीति निर्धारकों का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था में समानता होने पर छात्रों को अंतर विश्वविद्यालय पढ़ाई में सुविधा होगी। महाविद्यालयों के प्रोफेसर तथा शिक्षक नेता सेमेस्टर व्यवस्था को छात्र हित में बताने के साथ सही क्रियान्वयन के सुझाव दे रहे हैं।
शिक्षा नीति में लंबे इंतजार के बाद बदलाव हुआ है। नीति में शिक्षक तथा विद्यार्थियों से जुड़े सभी पहलुओं को छूने का सकारात्मक प्रयास है। नीति में परीक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने के लिए सेमेस्टर परीक्षा सिस्टम लागू करने को अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अभी तक रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू है। अब साल में दो बार परीक्षा होंगी। छात्रों का विषयवार कोर्स का बोझ कम होगा। अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए इंतजार नहीं करना होगा। परीक्षाओं में समयांतर नहीं होगा। साल भी बर्बाद होने से बचेगा। डिग्री कॉलेज के शिक्षक इसे देर से लिया गया अच्छा कदम बता रहे हैं। साथ ही शिक्षक नेता व्यवस्था को मजबूत तरीके से लागू करने के लिए कॉलेजों में पढ़ाई का भौतिक ढांचा व शिक्षकों की संख्या छात्र संख्या के मानकों के अनुरूप करने का सुझाव दे रहे हैं।
विज्ञापन

छात्र का सही मूल्यांकन होगा
साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद के समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष बलराम सिंह का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम में छात्र का मूल्यांकन व्यवहार, शैक्षिक कार्य प्रदर्शन व क्षमता के आधार पर होगा। इससे छात्र के सर्वांगीण विकास का वातावरण बनेगा।
प्रतिभा प्रदर्शन का मौका मिलेगा
साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद के वाणिज्य विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर मनीष गुप्ता ने बताया कि सेमेस्टर सिस्टम में विद्यार्थियों का बोझ कम होगा। छात्र को रटाओ नीति से हटकर प्रोजेक्ट प्रजेंटेशन से प्रतिभा दिखानी होगी। समय से परीक्षा होंगी।
प्रवेश परीक्षा सरल बने
रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन रुटा के अध्यक्ष मुकेश कुमार सेमेस्टर सिस्टम को छात्र हित में बताते हैं। साथ ही कहते है कि कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। पढ़ाई के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। सिस्टम टाइम बाउंड है। छात्र प्रवेश व परीक्षा में उलझकर न रह जाएं। प्रवेश व्यवस्था सरल बने।
छात्र स्वाध्याय से अपडेट होगा
साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद की हिंदी विभागाध्यक्ष शुभा कहती हैं कि सेमेस्टर सिस्टम में छोटे-छोटे सिलेबस में पढ़ाई होगी। छात्र स्वाध्याय से अपडेट होंगे। इससे कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी। परीक्षा जल्द होने से अध्ययन व अध्यापन को कम समय मिलेगा। कल्चरल एक्टिविटी कम होंगी।
छात्र-शिक्षक के बीच कक्षा कक्ष अंत: क्रिया बढ़ेगी
वर्धमान कॉलेज में शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एसके जोशी का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम से छात्र व शिक्षकों के मध्य कक्षा कक्ष अंत:क्रिया को अधिक बल मिलेगा। छात्र में निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। सिस्टम समयबद्ध होने से पाठ्यक्रम का दबाव कम होगा।
प्रोफेशनल कोर्स की तरह पढ़ाई होगी
कृष्णा कॉलेज बिजनौर में कंप्यूटर विज्ञान के विभागाध्यक्ष विपिन कुमार शर्मा बताते हैं कि कोर्स बंटने से छात्र को परीक्षा तैयारी का पर्याप्त समय मिलेगा। अब सभी की पढ़ाई प्रोफेशनल कोर्स की तरह होगी। छात्र व शिक्षक अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। ओवरऑल छात्रों को लाभ है।
विज्ञापन

रिसर्च स्कोलर को बड़ा फायदा
एसबीडी कॉलेज धामपुर में अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर चारु अग्रवाल का कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद पढ़ाई रेग्युलर होगी। इसका सबसे बड़ा लाभ रिसर्च स्कोलर को होगा। पढ़ाई टाइम बाउंड रहेगी। इससे छात्र व शिक्षक दोनों को पढ़ने व पढ़ाने के लिए सिलेबस के साथ अपडेट रहना होगा।

डा.बलराम सिंह।- फोटो : BIJNOR

डा मनीश गुप्ता।- फोटो : BIJNOR

डा.मुकेश कुमार।- फोटो : BIJNOR

डा.शुभा।- फोटो : BIJNOR

ा.एस के जोशी।- फोटो : BIJNOR

विपिन कुमार।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें